गन्ना FRP में वृद्धि
8 मई 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
FRP — गन्ना (नियंत्रण) आदेश, 1966 के तहत वैधानिक न्यूनतम मूल्य; ₹365/क्विंटल (2026-27)।
क्या हुआ
गन्ने के उचित व लाभकारी मूल्य (FRP) में वृद्धि की चर्चा हुई। FRP वह न्यूनतम मूल्य है जो चीनी मिलों को किसानों से खरीदे गए गन्ने के लिए भुगतान करना कानूनी रूप से अनिवार्य है। इसे कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिश पर केंद्र सरकार (आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति/CCEA) तय करती है, जो गन्ना (नियंत्रण) आदेश 1966 के तहत है। FRP में वृद्धि किसानों की आय बढ़ाती है, गन्ना उत्पादन को प्रोत्साहित करती है, पर मिलों की लागत व चीनी कीमतों को प्रभावित कर सकती है। यह इथेनॉल सम्मिश्रण कार्यक्रम से भी जुड़ा है। यह कृषि, MSP नीति व किसान कल्याण से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1गन्ने के उचित व लाभकारी मूल्य (FRP) में वृद्धि।
- 2FRP — मिलों द्वारा किसानों को न्यूनतम भुगतान।
- 3CACP सिफारिश; CCEA तय करती है।
- 4गन्ना (नियंत्रण) आदेश 1966।
- 5किसान आय; इथेनॉल सम्मिश्रण से जुड़ा।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
FRP, MSP, SAP व CACP अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं।
स्थायी GK: FRP — गन्ने का न्यूनतम मूल्य; CACP सिफारिश; CCEA तय करती है। गन्ना (नियंत्रण) आदेश 1966। इथेनॉल सम्मिश्रण। MSP से भिन्न।