22 अगस्त 2026 · 22 August 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
सुमेर सिंह भाटी द्वारा थार में घास के मैदानों का संरक्षण
Sumer Singh Bhati Leading Grassland Conservation in the Thar Desert
सुमेर सिंह भाटी ने थार मरुस्थल में घास के मैदानों का सफल संरक्षण करके अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त की।
मुख्य तथ्य
- •देगराय माता ओरण थार मरुस्थल में लगभग 10,000 हेक्टेयर में फैला है
- •20 गाँवों से लगभग 700 किमी की 85 दिवसीय पदयात्रा
- •सेवन और धामण जैसी देशी घासों का विकास
- •भारतीय बस्तर और एशियाई कराकल को आश्रय
जैसलमेर के सुमेर सिंह भाटी एक परंपरागत ऊंट पालक हैं जिन्होंने देगराय माता ओरण की सुरक्षा में अग्रणी भूमिका निभाई है। यह पवित्र घास के मैदान थार मरुस्थल में लगभग 10,000 हेक्टेयर में फैला हुआ है। भाटी ने लगभग 20 गाँवों में समुदाय को जुटाकर घास के मैदानों की सुरक्षा और प्राकृतिक पुनरुत्पादन को बढ़ावा दिया। उन्होंने तनोट माता मंदिर से जयपुर तक लगभग 700 किमी की 85 दिवसीय पदयात्रा की। इस संरक्षण प्रयास से सेवन और धामण जैसी देशी घासों का विकास हुआ। क्षेत्र में भारतीय बस्तर और एशियाई कराकल जैसी लुप्तप्राय प्रजातियों को आश्रय मिला।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
समुदाय आधारित संरक्षण और परंपरागत पारिस्थितिक ज्ञान की भूमिका राजस्थान के कमजोर पारिस्थितिकी तंत्र में।
📚 संबंधित स्थायी GK
ओरण राजस्थान में समुदाय द्वारा संरक्षित पवित्र वनस्पति क्षेत्र हैं जो पशु चारण और वन्यजीव संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert