मुख्य सामग्री पर जाएं
24 अगस्त 2026 · 24 August 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण

सुमेर सिंह भाटी द्वारा थार रेगिस्तान में घास के मैदान संरक्षण

Sumer Singh Bhati Leading Grassland Conservation in the Thar Desert

सुमेर सिंह भाटी ने थार के 10,000 हेक्टेयर घास के मैदान संरक्षण के लिए रेंजलैंड पुरस्कार जीता।

मुख्य तथ्य

  • देग्राई माता ओरण - 10,000 हेक्टेयर में पवित्र घास के मैदान
  • लगभग 20 गाँवों के समुदायों को संरक्षण में एकजुट किया
  • सेवण और धमन जैसी देशी घासों का पुनरुत्थान
  • महाभारत सारस और एशियाई गिद्ध जैसी लुप्तप्राय प्रजातियों का आश्रय
सुमेर सिंह भाटी जैसलमेर के एक पारंपरिक ऊंट पालक और समुदाय संरक्षणकर्ता हैं जिन्होंने थार रेगिस्तान में पवित्र घास के मैदानों की रक्षा के लिए वर्षों तक काम किया है। देग्राई माता ओरण लगभग 10,000 हेक्टेयर में फैला एक पारंपरिक सामुदायिक संरक्षित क्षेत्र है। भाटी ने लगभग 20 गाँवों के समुदायों को एकजुट करके घास के मैदानों की सुरक्षा और प्राकृतिक पुनरुत्थान को बढ़ावा दिया है। उन्होंने ओरण संरक्षण के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए तनोट माता मंदिर से जयपुर तक लगभग 700 किमी की 85 दिवसीय पदयात्रा की। इस संरक्षण प्रयास से सेवण और धमन जैसी देशी घासें पुनः उगी हैं, जो पशुओं के लिए चारे का स्रोत हैं और महाभारत सारस जैसी लुप्तप्राय प्रजातियों को आश्रय प्रदान करती हैं।

🎯 परीक्षा में कैसे आएगा

सामुदायिक संरक्षण मॉडल, परंपरागत पारिस्थितिक ज्ञान और जैव विविधता संरक्षण की नीति।

📚 संबंधित स्थायी GK

महाभारत सारस (Great Indian Bustard) भारत की लुप्तप्राय पक्षी प्रजाति है जो मुख्यतः राजस्थान और गुजरात में पाई जाती है।

✨ RajAI— RAS Prelims Expert

संबंधित समसामयिकी