सुंदरबन पर माइक्रोप्लास्टिक का खतरा
21 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
सुंदरबन — विश्व का सबसे बड़ा मैंग्रोव वन; ब्लू-कार्बन सिंक; माइक्रोप्लास्टिक <5 मिमी।
क्या हुआ
सुंदरबन पर सूक्ष्म प्लास्टिक (microplastics) के खतरे की चर्चा हुई। सुंदरबन भारत व बांग्लादेश में फैला विश्व का सबसे बड़ा मैंग्रोव वन है, जो रॉयल बंगाल टाइगर का आवास तथा UNESCO विश्व धरोहर स्थल व रामसर स्थल है। सूक्ष्म प्लास्टिक (5 मिमी से छोटे प्लास्टिक कण) नदियों व समुद्र से इस नाज़ुक पारिस्थितिक तंत्र में पहुँचकर जलीय जीवों, खाद्य शृंखला व मानव स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। मैंग्रोव तटीय सुरक्षा, चक्रवात अवरोधन व कार्बन भंडारण में महत्वपूर्ण हैं। प्लास्टिक प्रदूषण व जलवायु परिवर्तन इस तंत्र पर दोहरा दबाव डालते हैं।
मुख्य तथ्य
- 1सुंदरबन पर सूक्ष्म प्लास्टिक का खतरा।
- 2सुंदरबन — विश्व का सबसे बड़ा मैंग्रोव वन।
- 3UNESCO विश्व धरोहर व रामसर स्थल; रॉयल बंगाल टाइगर।
- 4सूक्ष्म प्लास्टिक — खाद्य शृंखला व स्वास्थ्य प्रभावित।
- 5मैंग्रोव — तटीय सुरक्षा, कार्बन भंडारण।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
माइक्रोप्लास्टिक, ब्लू कार्बन व सुंदरबन पर्यावरण में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: सुंदरबन — विश्व का सबसे बड़ा मैंग्रोव; भारत-बांग्लादेश; UNESCO धरोहर व रामसर। रॉयल बंगाल टाइगर। सूक्ष्म प्लास्टिक — <5 मिमी कण।