सुप्रीम कोर्ट ने जोजरी नदी के 100 मीटर दायरे में निर्माण पर रोक लगाई
26 अगस्त 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
SC अंतरिम आदेश (24 अगस्त 2026): जोजरी के किनारे से 100 मीटर में निर्माण नहीं, बाढ़ रेखा से 500 मीटर में प्रदूषणकारी इकाई नहीं।
क्या हुआ
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने यह आदेश ‘In Re: 2 Million Lives At Risk, Contamination In Jojari River, Rajasthan’ नामक स्वतः संज्ञान मामले में दिया। नदी के किनारे से 100 मीटर के भीतर किसी भी प्रकार का निर्माण या विकास कार्य नहीं होगा। बाढ़ रेखा के दोनों ओर 500 मीटर में, और जहां बाढ़ रेखा तय नहीं है वहां वर्तमान प्रवाह मार्ग से 500 मीटर में, नदी को प्रदूषित करने में सक्षम कोई उद्योग या गतिविधि नहीं होगी। ये रोक उच्च बाढ़ रेखा और पारिस्थितिक बफर ज़ोन के वैज्ञानिक सीमांकन तक लागू रहेंगी।
मुख्य तथ्य
- 1आदेश: 24 अगस्त 2026; पीठ: न्यायमूर्ति विक्रम नाथ व संदीप मेहता
- 2नदी किनारे से 100 मीटर में कोई निर्माण या विकास कार्य नहीं
- 3बाढ़ रेखा के दोनों ओर 500 मीटर में प्रदूषणकारी उद्योग/गतिविधि नहीं
- 4रोक उच्च बाढ़ रेखा व बफर ज़ोन के सीमांकन तक लागू
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
RAS Prelims में जोजरी का उद्गम, लूनी तंत्र में उसकी स्थिति या सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय 100/500 मीटर की सीमा पूछी जा सकती है।
स्थायी GK: जोजरी नदी नागौर ज़िले के पूंदलू गांव के पास की पहाड़ियों से निकलकर जोधपुर ज़िले में लूनी में मिलती है; यह लूनी की एकमात्र प्रमुख दाहिनी ओर की सहायक नदी है।