24 अगस्त 2026 · 24 August 2026अर्थव्यवस्था⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
भारत के माल निर्यात में तेजी
Surge in India's Merchandise Exports
भारत को निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता के लिए प्रौद्योगिकी, आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन और गहन GVC एकीकरण की ओर मुड़ना होगा।
मुख्य तथ्य
- •माल निर्यात: 19.6% YoY वृद्धि, 44.2 अरब डॉलर (जुलाई 2026)
- •व्यापार घाटा: 11.4 अरब डॉलर (जुलाई 2025) से 15 अरब डॉलर तक विस्तृत
- •शीर्ष क्षेत्र: पेट्रोलियम (39% वृद्धि), इलेक्ट्रॉनिक्स (30.7%), इंजीनियरिंग (18.2%)
- •नए बाजार: चीन (+65%), तंजानिया (+130%), सिंगापुर (2.7% से 4.7%)
भारत के माल निर्यात ने जुलाई 2026 में 19.6% की वर्षिक वृद्धि दर्ज की, जो 44.2 अरब डॉलर तक पहुंचे। यह वृद्धि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक अस्थिरता के बावजूद रणनीतिक बाजार विविधीकरण और समुद्री व्यापार के पुनर्मार्गन से संचालित है। हालांकि, संयुक्त व्यापार घाटा 11.4 अरब डॉलर (जुलाई 2025) से बढ़कर 15 अरब डॉलर हो गया। पेट्रोलियम उत्पाद निर्यात वृद्धि का 39% हिस्सा हैं, जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स 30.7% और इंजीनियरिंग माल 18.2% की वृद्धि दर्ज कर रहे हैं। भारत ने चीन को निर्यात 65% बढ़ाए और तंजानिया को 130% अधिक निर्यात किए, नए बाजारों में प्रवेश किया।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
भारत के निर्यात प्रदर्शन, व्यापार घाटा, वैश्विक मूल्य श्रृंखला एकीकरण और मुक्त व्यापार समझौते (FTA) उपयोग दर में सुधार के लिए नीति हस्तक्षेप।
📚 संबंधित स्थायी GK
भारत का GERD (सकल घरेलू R&D व्यय) GDP का लगभग 0.65% है, जो प्रौद्योगिकी-केंद्रित निर्यात के लिए बाधा है।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert