TDB-DST ने GalaxEye के साथ ₹63.84 करोड़ की RDI सहायता के लिए समझौता किया
25 सितंबर 2026 · Raj Study संपादकीय टीम · सरकारी स्रोत से तथ्य मिलाए गए
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टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड ने बेंगलुरु की GalaxEye कंपनी को मल्टीसेंसर सैटेलाइट तकनीक विकसित करने हेतु ₹63.84 करोड़ की वित्तीय सहायता स्वीकृत की।
क्या हुआ
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड (TDB) ने बेंगलुरु स्थित GalaxEye Space Solutions Private Limited के साथ अनुसंधान विकास एवं नवाचार (RDI) फंड के तहत ₹63.84 करोड़ की वित्तीय सहायता हेतु समझौता किया। कुल ₹247.69 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना का उद्देश्य OptoSAR तकनीक पर आधारित मल्टीसेंसर सैटेलाइट विकसित करना है। यह उपग्रह सिंथेटिक एपर्चर रडार (SAR) और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल (EO) इमेजिंग को मिलाकर 0.5 मीटर से कम रिज़ॉल्यूशन की उच्च-गुणवत्ता इमेजिंग प्रदान करेगा। यह तकनीक बादल और प्रकाश की स्थिति से स्वतंत्र रूप से काम करेगी। परियोजना तकनीक को TRL-6 से TRL-9 स्तर तक विकसित करेगी। सहायता ऑप्शनली कन्वर्टिबल डिबेंचर (OCD) के माध्यम से दी जाएगी। TDB सचिव राजेश कुमार पाठक ने कहा कि यह समझौता स्वदेशी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी क्षमताओं को सक्षम बनाने पर केंद्रित है।
मुख्य तथ्य
- 1TDB-DST ने GalaxEye Space Solutions, बेंगलुरु के साथ ₹63.84 करोड़ की RDI सहायता का समझौता किया।
- 2परियोजना की कुल स्वीकृत लागत ₹247.69 करोड़ है और सहायता ऑप्शनली कन्वर्टिबल डिबेंचर द्वारा दी जाएगी।
- 3OptoSAR तकनीक SAR और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल इमेजिंग को मिलाकर 0.5 मीटर से कम रिज़ॉल्यूशन देगी।
- 4परियोजना तकनीक को TRL-6 से TRL-9 स्तर तक विकसित करेगी।
- 5TDB के सचिव राजेश कुमार पाठक ने स्वदेशी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी क्षमताओं पर जोर दिया।
स्थायी GK: टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड (TDB) की स्थापना 1996 में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत की गई थी।