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अंतर्राष्ट्रीय · पर्यावरण

थ्वाइट्स ग्लेशियर

11 फरवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

थ्वाइट्स ग्लेशियर — पश्चिम अंटार्कटिका में; 'डूम्सडे ग्लेशियर'; तेज़ी से पिघल रहा।

क्या हुआ

थ्वाइट्स ग्लेशियर (Thwaites Glacier) चर्चा में रहा। पश्चिमी अंटार्कटिका में स्थित यह विशाल ग्लेशियर अपने तीव्र पिघलने व अस्थिरता के कारण 'कयामत/डूम्सडे ग्लेशियर' कहलाता है। यदि यह पूरी तरह पिघल जाए तो वैश्विक समुद्र-स्तर में कई फुट की वृद्धि संभव है, जिससे तटीय शहर व द्वीप देश (व भारत का विशाल तटवर्ती क्षेत्र) ख़तरे में पड़ेंगे। यह ग्लेशियर पास के बर्फ-शेल्फ को 'काग' की तरह रोकता है — इसके ढहने से व्यापक बर्फ-हानि होगी। इसका पिघलना जलवायु परिवर्तन व ग्लोबल वार्मिंग का परिणाम है। यह जलवायु संकट, समुद्र-स्तर वृद्धि व ध्रुवीय विज्ञान से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1थ्वाइट्स ग्लेशियर।
  2. 2पश्चिमी अंटार्कटिका; 'डूम्सडे ग्लेशियर'।
  3. 3तीव्र पिघलना — समुद्र-स्तर में कई फुट वृद्धि संभव।
  4. 4तटीय शहर व द्वीप देश ख़तरे में।
  5. 5जलवायु परिवर्तन व ग्लोबल वार्मिंग का परिणाम।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

थ्वाइट्स ग्लेशियर, समुद्र-स्तर वृद्धि व जलवायु परिवर्तन पर्यावरण में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: थ्वाइट्स — पश्चिमी अंटार्कटिका; 'डूम्सडे ग्लेशियर'। पिघलने से समुद्र-स्तर वृद्धि। जलवायु परिवर्तन; ग्लोबल वार्मिंग।

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