10 जनवरी 2026 · 10 January 2026
भारत में ट्रांसजेंडर कल्याण
Transgender welfare in India
ट्रांसजेंडर कल्याण — 2019 अधिनियम व NALSA फैसले के तहत अधिकार, पहचान व समावेशन।
मुख्य तथ्य
- •भारत में ट्रांसजेंडर कल्याण।
- •NALSA निर्णय (2014) — 'तीसरा लिंग'; मौलिक अधिकार।
- •ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकार संरक्षण) अधिनियम, 2019।
- •राष्ट्रीय ट्रांसजेंडर परिषद; गरिमा गृह (आश्रय)।
- •स्माइल योजना; सामाजिक न्याय; समावेशन।
भारत में ट्रांसजेंडर कल्याण की चर्चा हुई। ट्रांसजेंडर व्यक्ति वे हैं जिनकी लिंग-पहचान जन्म के समय निर्धारित लिंग से भिन्न होती है। सर्वोच्च न्यायालय के 'NALSA निर्णय' (2014) ने ट्रांसजेंडर को 'तीसरे लिंग' के रूप में मान्यता दी व उनके मौलिक अधिकारों (अनुच्छेद 14, 15, 21) की पुष्टि की। 'ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019' व नियम 2020 उनके गैर-भेदभाव, पहचान-प्रमाणपत्र, शिक्षा, रोज़गार, स्वास्थ्य व कल्याण की रक्षा करते हैं। अन्य पहलें — राष्ट्रीय ट्रांसजेंडर परिषद, 'गरिमा गृह' (आश्रय), स्कॉलरशिप व 'स्माइल' योजना। यह सामाजिक न्याय, समावेशन व मानवाधिकार से जुड़ता है। यह राजव्यवस्था से जुड़ा है। (संवेदनशील विषय; प्रविष्टि सम्मानजनक व तथ्यात्मक है।)
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
ट्रांसजेंडर कल्याण, NALSA व 2019 अधिनियम राजव्यवस्था में पूछे जाते हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
ट्रांसजेंडर — NALSA निर्णय (2014; तीसरा लिंग; अनुच्छेद 14,15,21)। ट्रांसजेंडर अधिनियम 2019; राष्ट्रीय परिषद; गरिमा गृह; स्माइल योजना।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert