UN ने श्रीलंका के गृहयुद्ध में अनसुलझी हिंसा को रेखांकित किया
16 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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UN — श्रीलंका गृहयुद्ध में मानवाधिकार उल्लंघनों व जवाबदेही की कमी पर चिंता।
क्या हुआ
श्रीलंका के गृहयुद्ध की अनसुलझी हिंसा पर संयुक्त राष्ट्र की चिंता की चर्चा हुई। श्रीलंका का गृहयुद्ध (1983-2009) सरकार व 'लिट्टे' (LTTE — तमिल अलगाववादी संगठन) के बीच लड़ा गया, जो 2009 में LTTE की हार के साथ समाप्त हुआ। युद्ध (विशेषकर इसके अंतिम चरण) के दौरान मानवाधिकार-हनन, नागरिक-मृत्यु, लापता व्यक्तियों व युद्ध-अपराधों के आरोप लगे। संयुक्त राष्ट्र (UNHRC) श्रीलंका से जवाबदेही, सुलह (reconciliation), संक्रमणकालीन न्याय (transitional justice) व तमिल अल्पसंख्यकों के अधिकारों के समाधान की मांग करता रहा है। भारत के श्रीलंका व वहाँ के तमिलों से गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक व रणनीतिक संबंध हैं (भारत राजनीतिक समाधान व 13वें संशोधन के क्रियान्वयन का समर्थक)। यह अंतरराष्ट्रीय संबंध, मानवाधिकार व क्षेत्रीय कूटनीति से जुड़ता है। यह अंतरराष्ट्रीय संबंध से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1श्रीलंका गृहयुद्ध हिंसा पर UN की चिंता।
- 2गृहयुद्ध (1983-2009) — सरकार बनाम LTTE।
- 3मानवाधिकार-हनन, नागरिक-मृत्यु, युद्ध-अपराध आरोप।
- 4UN (UNHRC) — जवाबदेही, सुलह, संक्रमणकालीन न्याय।
- 5भारत — राजनीतिक समाधान; तमिल अधिकार; 13वाँ संशोधन।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
श्रीलंका गृहयुद्ध, तमिल मुद्दा व भारत-श्रीलंका संबंध अंतरराष्ट्रीय में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: श्रीलंका गृहयुद्ध (1983-2009) — सरकार बनाम LTTE। मानवाधिकार-हनन/युद्ध-अपराध आरोप। UN — जवाबदेही, सुलह। भारत — राजनीतिक समाधान; 13वाँ संशोधन।