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राष्ट्रीय · अर्थव्यवस्था

महानगरों से परे शहरीकरण

19 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

शहरीकरण — आर्थिक विकास का इंजन; महानगरों पर दबाव कम करने हेतु टियर-2/3 शहरों का नियोजित विकास।

क्या हुआ

महानगरों से परे शहरीकरण (urbanisation beyond megacities) की चर्चा हुई। भारत तेज़ी से शहरीकृत हो रहा है, पर भविष्य की वृद्धि का बड़ा हिस्सा टियर-2/3 शहरों व छोटे कस्बों में होगा, न कि केवल भीड़भाड़ वाले महानगरों में। इन उभरते शहरी केंद्रों में अवसंरचना, रोज़गार, आवास, परिवहन, जल, अपशिष्ट प्रबंधन व नियोजित विकास की ज़रूरत है ताकि अनियोजित विस्तार, झुग्गियाँ व प्रदूषण रोके जा सकें। योजनाएँ — स्मार्ट सिटी मिशन, AMRUT, अमृत 2.0। संतुलित शहरीकरण आर्थिक वृद्धि, रोज़गार व जीवन-गुणवत्ता को बढ़ाता है। शहरीकरण समवर्ती/राज्य विषय है (74वाँ संशोधन — शहरी स्थानीय निकाय)। यह सतत शहरी विकास से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1महानगरों से परे शहरीकरण।
  2. 2भविष्य की वृद्धि — टियर-2/3 शहर, छोटे कस्बे।
  3. 3अवसंरचना, आवास, परिवहन, अपशिष्ट प्रबंधन की ज़रूरत।
  4. 4स्मार्ट सिटी मिशन; AMRUT; अमृत 2.0।
  5. 574वाँ संशोधन — शहरी स्थानीय निकाय।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

शहरीकरण, AMRUT व नगरीय नियोजन अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं।

स्थायी GK: टियर-2/3 शहर; नियोजित शहरीकरण। स्मार्ट सिटी मिशन; AMRUT; अमृत 2.0। 74वाँ संशोधन — शहरी स्थानीय निकाय।

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