अमेरिका का H-1B वीजा शुल्क व चीन की नई K-वीजा नीति
1 सितंबर 2025 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
सितंबर 2025 में अमेरिका व चीन दोनों देशों ने प्रवासी कुशल कामगारों से संबंधित नई वीजा नीतियां घोषित कीं।
क्या हुआ
अमेरिकी राष्ट्रपति ने H-1B वीजा आवेदनों पर 1,00,000 डॉलर वार्षिक शुल्क लगाने की घोषणा पर हस्ताक्षर किए। चीन ने विज्ञान-तकनीक (विशेषकर STEM क्षेत्रों) में युवा वैश्विक प्रतिभाओं को आकर्षित करने हेतु 1 अक्टूबर 2025 से 'K-वीजा' शुरू किया।
मुख्य तथ्य
- 1H-1B वीजा शुल्क: 1,00,000 डॉलर वार्षिक (अमेरिका)
- 2चीन का K-वीजा: 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी
- 3K-वीजा का उद्देश्य: STEM क्षेत्र में युवा प्रतिभाओं को आकर्षित करना
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
वैश्विक वीजा नीतियों में बदलाव व भारतीय पेशेवरों पर प्रभाव RAS मुख्य परीक्षा में पूछे जा सकते हैं।
स्थायी GK: H-1B वीजा अमेरिका का एक गैर-आप्रवासी वीजा है जो विशेष व्यवसायों में विदेशी कामगारों को नियुक्त करने की अनुमति देता है, जिसमें भारतीय IT पेशेवरों की बड़ी हिस्सेदारी है।