अमेरिका का 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट': ईरान के विरुद्ध प्रतिबंध अभियान
31 अगस्त 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' (24 अगस्त 2026) ईरान के डिजिटल परिसंपत्ति, प्रौद्योगिकी, सोना, विमानन और शिपिंग क्षेत्रों को लक्षित करता है।
क्या हुआ
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने 24 अगस्त 2026 को 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' की घोषणा की और इसे 'इकोनॉमिक डी-डे' कहा। राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देश पर शुरू इस अभियान का लक्ष्य ईरानी शासन और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) तक पहुँचने वाले धन को रोकना है। ट्रेज़री ने पाँच क्षेत्रों पर प्रतिबंध निर्धारण जारी किए: डिजिटल परिसंपत्तियाँ, प्रौद्योगिकी, सोना, विमानन और शिपिंग। OFAC ने परमाणु-मिसाइल खरीद, साइबर गतिविधियों और तेल-राजस्व नेटवर्क से जुड़ी लगभग 60 संस्थाओं, व्यक्तियों और जहाजों को भी प्रतिबंधित किया। नामित पक्षों के लिए जानबूझकर बड़े लेनदेन करने वाले विदेशी बैंकों को अमेरिकी कॉरेस्पोंडेंट खातों से वंचित होने का जोखिम है।
मुख्य तथ्य
- 1घोषणा: अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट, 24 अगस्त 2026 ('इकोनॉमिक डी-डे')
- 2क्षेत्रीय निर्धारण: डिजिटल परिसंपत्तियाँ, प्रौद्योगिकी, सोना, विमानन, शिपिंग
- 3OFAC ने लगभग 60 संस्थाओं, व्यक्तियों और जहाजों को प्रतिबंधित किया
- 4नामित पक्षों से लेनदेन पर विदेशी बैंकों को द्वितीयक प्रतिबंध का जोखिम
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
प्रीलिम्स में अभियान का नाम, लक्षित क्षेत्र, प्रतिबंध लगाने वाली अमेरिकी एजेंसी (OFAC) या भारत के चाबहार अनुबंध पर प्रश्न आ सकता है।
स्थायी GK: भारत की IPGL ने 13 मई 2024 को ईरान के पोर्ट्स एंड मैरीटाइम ऑर्गनाइज़ेशन के साथ चाबहार के शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल को 10 वर्ष तक सुसज्जित व संचालित करने का अनुबंध किया।