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राजस्थान · योजना

वेलिगोंडा सिंचाई परियोजना का प्रथम चरण

5 सितंबर 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

वेलिगोंडा परियोजना का प्रथम चरण ₹7,983 करोड़ की लागत से पूर्ण हुआ।

क्या हुआ

वेलिगोंडा परियोजना श्रीसैलम जलाशय से कृष्णा नदी का जल नल्लामल सागर जलाशय तक गुरुत्व के माध्यम से स्थानांतरित करने का लक्ष्य रखती है। प्रथम चरण में 18.8 किमी की जुड़वां सुरंगें और 21.8 किमी की फीडर नहर का निर्माण शामिल है। इस चरण में नल्लामल सागर में कृष्णा नदी के 10.70 टीएमसी जल का भंडारण होगा। परियोजना ने 6,206 विस्थापित परिवारों को 48 दिनों में ₹768 करोड़ का मुआवजा प्रदान किया है। द्वितीय चरण को 2028 तक पूर्ण करने की योजना है। यह परियोजना क्षेत्रीय जल संकट समाधान और कृषि विकास के लिए महत्वपूर्ण है।

मुख्य तथ्य

  1. 1कृष्णा नदी से नल्लामल सागर तक जल स्थानांतरण गुरुत्व विधि से।
  2. 218.8 किमी की जुड़वां सुरंगें और 21.8 किमी की फीडर नहर।
  3. 310.70 टीएमसी जल भंडारण क्षमता।
  4. 46,206 परिवारों को ₹768 करोड़ मुआवजा 48 दिनों में।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

बड़ी सिंचाई परियोजनाओं की वित्तीय योजना, जल प्रबंधन नीति और विस्थापन पुनर्वास नीति के मुद्दे।

स्थायी GK: कृष्णा नदी दक्षिण भारत की प्रमुख नदी है जो महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से होकर बहती है।

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