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राष्ट्रीय

पश्चिम एशिया संकट से उपजी महंगाई के बावजूद केरल में विशु उत्सव की खरीदारी जारी

14 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

क्या हुआ

विशु, केरल का पारंपरिक फसल उत्सव, मलयालम माह मेदम के पहले दिन (सामान्यतः अप्रैल के मध्य में) मनाया जाता है। यह केरल के सबसे महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और धार्मिक त्योहारों में से एक है, जिसमें 'विशुक्कणि' अनुष्ठान, उपहारों का आदान-प्रदान ('विशुक्कैनीटम') और नए वस्त्र व पटाखों की खरीदारी शामिल है। वर्ष 2025 में उत्सव की खरीदारी का मौसम विक्रेता-पक्षीय मुद्रास्फीति से प्रभावित रहा, जिसका मुख्य कारण पश्चिम एशिया (मध्य पूर्व) संकट है। इस संकट ने लाल सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले वैश्विक शिपिंग मार्गों को बाधित किया है, जिससे माल ढुलाई और आयात लागत बढ़ी है। केरल की अर्थव्यवस्था खाड़ी देशों में बड़े प्रवासी समुदाय के कारण पश्चिम एशिया पर काफी निर्भर है। तिरुवनंतपुरम का चलाई बाजार, जो केरल के सबसे पुराने और व्यस्त पारंपरिक बाजारों में से एक है, ऊंची कीमतों के बावजूद भीड़ से भरा रहा। व्यापारियों ने बताया कि उपभोक्ता उत्साह तो था, लेकिन खरीदारी की मात्रा पिछले वर्ष से कम रही। यह घटना 'लागत-प्रेरित मुद्रास्फीति' की व्यापक परिघटना को दर्शाती है।

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