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राष्ट्रीय · पर्यावरण

भारत का जल-ऊर्जा-खाद्य गठजोड़

6 मई 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

कृषि — भारत के 85%+ मीठे जल का उपयोग; कृषि पंपिंग ~20% बिजली खपत।

क्या हुआ

जल-ऊर्जा-खाद्य (Water-Energy-Food) नेक्सस पर ध्यान केंद्रित हुआ। ये तीनों संसाधन परस्पर गहराई से जुड़े हैं — कृषि (खाद्य) के लिए जल व ऊर्जा चाहिए; जल निकालने व शोधन के लिए ऊर्जा चाहिए; और ऊर्जा उत्पादन (तापीय/जलविद्युत) के लिए जल चाहिए। एक क्षेत्र में दबाव दूसरों को प्रभावित करता है — जैसे मुफ्त बिजली से भूजल का अति-दोहन। एकीकृत व सतत प्रबंधन (सूक्ष्म सिंचाई, सौर पंप, फसल विविधीकरण) आवश्यक है। यह SDG 2, 6 व 7 तथा जलवायु लचीलापन से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1जल-ऊर्जा-खाद्य नेक्सस — तीनों की अंतर्निर्भरता।
  2. 2कृषि को जल+ऊर्जा; जल को ऊर्जा; ऊर्जा को जल।
  3. 3मुफ्त बिजली → भूजल अति-दोहन।
  4. 4उपाय — सूक्ष्म सिंचाई, सौर पंप, फसल विविधीकरण।
  5. 5SDG 2, 6, 7 व जलवायु लचीलापन से जुड़ा।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

WEF गठजोड़, भूजल, PM-KUSUM व फसल विविधीकरण पर्यावरण/अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं।

स्थायी GK: नेक्सस — जल, ऊर्जा, खाद्य की अंतर्निर्भरता। SDG 2 (भूख), 6 (जल), 7 (ऊर्जा)। उपाय — सूक्ष्म सिंचाई (पर ड्रॉप मोर क्रॉप), सौर पंप (KUSUM)।

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