विश्व का पहला पर्वतीय हिम कोर भंडार
17 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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हिम कोर भंडार — पर्वतीय हिमनदों के हिम कोर का वैश्विक संग्रह; अंटार्कटिक पठार पर।
क्या हुआ
विश्व के पहले 'पर्वतीय हिम-कोर संग्रह' (mountain ice cores repository) की चर्चा हुई। 'आइस कोर' ग्लेशियरों/हिमचादरों से निकाले गए बर्फ के बेलनाकार नमूने हैं, जिनकी परतों में हज़ारों-लाखों वर्षों की वायुमंडलीय गैसें (CO2, मीथेन), तापमान-संकेतक, धूल व प्रदूषक 'जमे' रहते हैं — ये अतीत की जलवायु (पुरा-जलवायु) के अनमोल अभिलेख हैं। जलवायु परिवर्तन से पर्वतीय ग्लेशियर तेज़ी से पिघल रहे हैं, इसलिए इन 'जलवायु-अभिलेखों' को स्थायी रूप से अंटार्कटिका जैसी ठंडी जगह में संरक्षित करने हेतु यह संग्रह (जैसे UNESCO/'आइस मेमोरी' पहल) बनाया गया है, ताकि भविष्य के वैज्ञानिक इनका अध्ययन कर सकें। यह जलवायु-विज्ञान, पर्यावरण व वैज्ञानिक संरक्षण से जुड़ता है। यह पर्यावरण से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1विश्व का पहला पर्वतीय हिम-कोर संग्रह।
- 2आइस कोर — ग्लेशियर से बर्फ के बेलनाकार नमूने।
- 3परतों में अतीत की वायुमंडलीय गैसें/तापमान (CO2)।
- 4ग्लेशियर-पिघलाव से जलवायु-अभिलेख संरक्षण।
- 5अंटार्कटिका में संरक्षण ('आइस मेमोरी'); पुरा-जलवायु।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
हिम कोर, पुराजलवायु व हिमनद पिघलना पर्यावरण में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: आइस कोर — ग्लेशियर बर्फ-नमूने; अतीत वायुमंडल/जलवायु अभिलेख (CO2, तापमान)। पर्वतीय ग्लेशियर पिघलाव → संग्रह (अंटार्कटिका में संरक्षण; 'आइस मेमोरी')। पुरा-जलवायु।