शियाओकांग गांव व भारत की सीमा सुरक्षा
16 मार्च 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
शियाओकांग गांव — चीन के दोहरे-उपयोग (नागरिक-सैन्य) सीमा गांव; LAC के पास 'सलामी-स्लाइसिंग' रणनीति।
क्या हुआ
'शियाओकांग' (Xiaokang) गाँव व भारत की सीमा सुरक्षा चर्चा में रही। शियाओकांग ('मध्यम समृद्धि') गाँव चीन द्वारा वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के निकट, विशेषकर अरुणाचल प्रदेश व भूटान सीमा के पास, बनाए गए सीमावर्ती गाँव हैं। इनका उद्देश्य आबादी बसाकर क्षेत्रीय दावे मज़बूत करना व 'दोहरे उपयोग' (नागरिक + सैन्य) अवसंरचना खड़ी करना है, जो भारत की सुरक्षा के लिए चिंता है। प्रतिक्रिया में भारत ने 'वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम' (2023) शुरू किया, जो सीमावर्ती गाँवों में अवसंरचना, आजीविका व कनेक्टिविटी विकसित कर पलायन रोकता है व 'प्रथम गाँव' को मज़बूत करता है।
मुख्य तथ्य
- 1शियाओकांग गाँव व भारत की सीमा सुरक्षा।
- 2चीन के LAC के निकट सीमावर्ती गाँव।
- 3उद्देश्य — क्षेत्रीय दावे; दोहरे उपयोग अवसंरचना।
- 4भारत — वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (2023)।
- 5सीमावर्ती गाँवों में अवसंरचना व पलायन रोकथाम।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
शियाओकांग गांव, LAC, सलामी-स्लाइसिंग व वाइब्रेंट विलेजेज़ रक्षा में महत्वपूर्ण हैं।
स्थायी GK: शियाओकांग — चीन के LAC के निकट सीमावर्ती गाँव; दोहरा उपयोग। भारत — वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (2023)। 'प्रथम गाँव'; अरुणाचल।