वचन — Patwari नोट्स
इस पेज पर वचन की परिभाषा, बहुवचन बनाने के नियम (सामान्य, विभक्ति-युक्त और संबोधन रूप), सदैव एकवचन और सदैव बहुवचन में प्रयुक्त शब्द तथा आदरसूचक बहुवचन दिए गए हैं।
- कक्षा 1–8 स्तर
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वचन क्या है?
संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से उसकी संख्या (एक या अनेक) का बोध हो, उसे वचन कहते हैं। हिंदी में दो वचन हैं — एकवचन (लड़का, नदी, पुस्तक) और बहुवचन (लड़के, नदियाँ, पुस्तकें)। संस्कृत में तीन वचन होते हैं — एकवचन, द्विवचन और बहुवचन; हिंदी में द्विवचन नहीं है।
वचन का प्रभाव केवल संज्ञा पर नहीं, पूरे वाक्य पर पड़ता है — विशेषण और क्रिया भी बदलते हैं: 'अच्छा लड़का खेलता है' → 'अच्छे लड़के खेलते हैं'। इसलिए जिन शब्दों का रूप नहीं बदलता (घर, मनुष्य, बालक, हाथी), उनका वचन क्रिया से पहचानें: 'मनुष्य आया' (एकवचन), 'मनुष्य आए' (बहुवचन)।
बहुवचन बनाने के नियम (विभक्ति-रहित रूप)
| नियम | एकवचन → बहुवचन |
|---|---|
| आकारांत पुल्लिंग: 'आ' → 'ए' | लड़का → लड़के, कमरा → कमरे, घोड़ा → घोड़े, बेटा → बेटे |
| अपवाद: संबंधवाचक व कुछ तत्सम आकारांत पुल्लिंग नहीं बदलते | पिता, चाचा, दादा, राजा, नेता, योद्धा — 'पिता आए', 'राजा आए' |
| अकारांत स्त्रीलिंग: 'अ' → 'एँ' | बहन → बहनें, पुस्तक → पुस्तकें, आँख → आँखें, रात → रातें |
| आकारांत स्त्रीलिंग: 'आ' के बाद 'एँ' | माता → माताएँ, लता → लताएँ, कथा → कथाएँ, सुविधा → सुविधाएँ |
| इकारांत / ईकारांत स्त्रीलिंग: → 'इयाँ' | नदी → नदियाँ, तिथि → तिथियाँ, संस्कृति → संस्कृतियाँ, रोटी → रोटियाँ |
| 'इया' अंत वाले स्त्रीलिंग: 'या' → 'याँ' | चिड़िया → चिड़ियाँ, गुड़िया → गुड़ियाँ, डिबिया → डिबियाँ |
| उ, ऊ, औ अंत वाले स्त्रीलिंग: → 'एँ' ('ऊ' ह्रस्व होता है) | वस्तु → वस्तुएँ, बहू → बहुएँ, गौ → गौएँ |
| आकारांत के अलावा अन्य पुल्लिंग: रूप नहीं बदलता | घर, बालक, मनुष्य, हाथी, साधु, डाकू — 'दो हाथी आए' |
संख्या बताने के लिए गण, वर्ग, जन, वृंद, दल जैसे शब्द भी जोड़े जाते हैं: छात्रगण, गुरुजन, अध्यापक वर्ग, मित्रवृंद।
विभक्ति-युक्त और संबोधन रूप
| स्थिति | नियम | उदाहरण |
|---|---|---|
| विभक्ति (ने, को, से, में, पर) के साथ | शब्द के अंत में 'ओं'; ई/इ अंत वाले शब्दों में 'इयों' | लड़कों ने, घरों में, पुस्तकों को, नदियों का, पूँजीपतियों को, साधुओं से |
| संबोधन बहुवचन | 'ओ' — अनुस्वार/चंद्रबिंदु नहीं लगता | भाइयो और बहनो!, बच्चो!, साथियो! |
'भाइयों और बहनों!' संबोधन में अशुद्ध है; शुद्ध रूप 'भाइयो और बहनो!' है। वाक्य-शुद्धि के प्रश्नों में यह बार-बार आता है।
सदैव एकवचन और सदैव बहुवचन में प्रयुक्त शब्द
| सदैव बहुवचन | सदैव एकवचन |
|---|---|
| लोग — 'लोग आए हैं', 'हम लोग' | जनता — 'जनता जाग गई है' |
| प्राण — 'उसके प्राण निकल गए' | द्रव्यवाचक: पानी, दूध, घी, सोना, चाँदी, तेल |
| दर्शन — 'आपके दर्शन हुए' | भाववाचक: प्रेम, क्रोध, आनंद, दया, सत्य |
| हस्ताक्षर — 'उसके हस्ताक्षर नहीं मिले' | सामग्री, सामान, भोजन, आकाश, वर्षा |
| आँसू — 'आँसू बहने लगे' | समूहवाचक (समूह एक इकाई): सेना, भीड़, कक्षा — 'भीड़ जमा हो गई' |
| होश — 'उसके होश उड़ गए' | सभ्यता, संस्कृति (सामान्य भाव-प्रयोग में) — 'भारतीय संस्कृति प्राचीन है' |
| समाचार (सूचना अर्थ में) — 'क्या समाचार हैं?' | इनके बहुवचन भाव के लिए अन्य शब्द जोड़ते हैं: पानी की बूँदें, सोने के गहने |
भाववाचक और संस्कृति जैसे शब्द भिन्न प्रकारों का बोध कराने पर बहुवचन में भी आते हैं — 'विश्व की विभिन्न संस्कृतियाँ'। इसलिए 'संस्कृति का बहुवचन' पूछा जाए तो 'संस्कृतियाँ' सही है।
आदरसूचक बहुवचन और ध्यान देने योग्य बातें
आदर प्रकट करने के लिए एक व्यक्ति के लिए भी बहुवचन क्रिया का प्रयोग होता है: 'पिताजी आ रहे हैं', 'गुरुजी पढ़ा रहे हैं', 'आप कहाँ जा रहे हैं?' यहाँ व्यक्ति एक है, पर व्याकरणिक प्रयोग बहुवचन का है। अहंकार या औपचारिकता में 'मैं' के स्थान पर 'हम' भी बोला जाता है।
कुछ शब्द अर्थ के अनुसार वचन बदलते हैं। 'बाल' सिर के एक बाल के लिए एकवचन ('बाल टूट गया') और केश-समूह के लिए बहुवचन ('उसके बाल सुंदर हैं') है। 'मनुष्य', 'किसान', 'बालक' जैसे अकारांत पुल्लिंग शब्द विभक्ति-रहित रूप में दोनों वचनों में एक समान रहते हैं — इसी आधार पर 'मनुष्य' दोनों वचनों में समान रहता है, जबकि 'घोड़ा' (घोड़े) बदलता है और 'यह' (ये) सर्वनाम है।
सर्वनाम के वचन-रूप भी याद रखें: मैं → हम, तू → तुम, यह → ये, वह → वे। 'ये' और 'वे' बहुवचन हैं; लिखित मानक हिंदी में एकवचन के लिए 'यह' और 'वह' ही लिखें।
याद रखने की ट्रिक / परीक्षा टिप
'लोग प्राण दर्शन हस्ताक्षर आँसू होश' — छह शब्द, सदा बहुवचन; वाक्य याद रखें: 'लोगों के दर्शन से आँसू आए, होश उड़े, प्राण बचे, हस्ताक्षर हुए।' और विकल्प में सामग्री, भोजन, जनता, आनंद, पानी दिखें तो ये सदैव एकवचन हैं — इन्हें पहले काट दें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हिंदी में कितने वचन होते हैं?+
हिंदी में दो वचन हैं — एकवचन और बहुवचन। संस्कृत में द्विवचन मिलाकर तीन वचन होते हैं।
सदैव बहुवचन में प्रयुक्त होने वाले शब्द कौन-से हैं?+
लोग, प्राण, दर्शन, हस्ताक्षर, आँसू, होश, समाचार (सूचना के अर्थ में) प्रमुख हैं।
'भाइयो और बहनो' में अनुस्वार क्यों नहीं लगता?+
संबोधन बहुवचन में शब्द के अंत में केवल 'ओ' लगता है, अनुस्वार नहीं — इसलिए 'भाइयो, बहनो, बच्चो' शुद्ध हैं।
'नदी' का बहुवचन क्या है?+
विभक्ति-रहित रूप 'नदियाँ' और विभक्ति-युक्त रूप 'नदियों' (जैसे नदियों में) है।