परिचय
डिजिटल इंडिया, ई-गवर्नेंस या किसी नई तकनीकी खबर को समझने से पहले, RAS प्रीलिम्स में कंप्यूटर की बुनियादी अवधारणाओं पर मजबूत पकड़ अपेक्षित है — हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में अंतर, कंप्यूटर डेटा कैसे लेता और देता है, वह अल्पकालिक और दीर्घकालिक रूप से चीज़ों को कैसे याद रखता है, ऑपरेटिंग सिस्टम वास्तव में क्या करता है, और कंप्यूटर आपस में नेटवर्क के माध्यम से कैसे संवाद करते हैं। ये मूल अवधारणाएं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी खंड में लगभग हर वर्ष, आमतौर पर संक्षिप्त तथ्यात्मक एक-पंक्ति प्रश्नों के रूप में, पूछी जाती हैं। यह अध्ययन सामग्री विशुद्ध रूप से इन्हीं आधारभूत कंप्यूटर विज्ञान अवधारणाओं — हार्डवेयर-सॉफ्टवेयर, इनपुट/आउटपुट उपकरण, मेमोरी के प्रकार, ऑपरेटिंग सिस्टम, नेटवर्क, कंप्यूटर की पीढ़ियां और मूल शब्दावली — पर केंद्रित है, जो परीक्षा में आने वाले हर अन्य कंप्यूटर-संबंधी विषय की नींव है।
मुख्य अवधारणाएं
1. हार्डवेयर बनाम सॉफ्टवेयर: बुनियादी निर्माण खंड
प्रत्येक कंप्यूटर प्रणाली दो पूरक हिस्सों पर टिकी होती है। हार्डवेयर कंप्यूटर का भौतिक, स्पर्श किया जा सकने वाला हिस्सा है — जैसे CPU कैबिनेट, मदरबोर्ड, मॉनिटर, कीबोर्ड, माउस, प्रिंटर और RAM चिप्स। इसके विपरीत, सॉफ्टवेयर अमूर्त होता है: यह निर्देशों या प्रोग्रामों का व्यवस्थित समूह है जो हार्डवेयर को बताता है कि क्या करना है और किस क्रम में करना है। सॉफ्टवेयर स्वयं दो व्यापक श्रेणियों में बंटा है। सिस्टम सॉफ्टवेयर पृष्ठभूमि में चलकर हार्डवेयर को प्रबंधित व नियंत्रित करता है और बाकी सभी चीज़ों के लिए एक कार्यशील मंच प्रदान करता है — ऑपरेटिंग सिस्टम, डिवाइस ड्राइवर और यूटिलिटी प्रोग्राम इसी श्रेणी में आते हैं। दूसरी ओर, एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर अंतिम उपयोगकर्ता के लिए विशिष्ट कार्य करने हेतु लिखा जाता है, जैसे वर्ड प्रोसेसर, स्प्रेडशीट, वेब ब्राउज़र और गेम्स। फर्मवेयर नामक एक विशेष श्रेणी इन दोनों की सीमा पर स्थित है: यह वह सॉफ्टवेयर है जो किसी हार्डवेयर चिप (आमतौर पर ROM) पर स्थायी रूप से लिखा जाता है ताकि किसी उपकरण के सबसे बुनियादी, निम्न-स्तरीय कार्यों को नियंत्रित किया जा सके, जैसे BIOS जो ऑपरेटिंग सिस्टम लोड होने से पहले कंप्यूटर को शुरू करता है।
2. इनपुट और आउटपुट उपकरण
कंप्यूटर तभी उपयोगी है जब उसमें डेटा डाला जा सके और परिणाम वापस प्राप्त किए जा सकें। इनपुट उपकरण वे हार्डवेयर घटक हैं जो बाहरी दुनिया के डेटा को उस रूप में बदलते हैं जिसे कंप्यूटर संसाधित कर सके — सामान्य उदाहरणों में कीबोर्ड, माउस, स्कैनर, माइक्रोफोन, जॉयस्टिक, टचपैड, तथा बैंकों द्वारा प्रयुक्त MICR (मैग्नेटिक इंक कैरेक्टर रिकग्निशन) रीडर और वस्तुनिष्ठ उत्तर पत्रकों के मूल्यांकन में प्रयुक्त OMR (ऑप्टिकल मार्क रिकग्निशन) रीडर जैसे विशेष रीडर शामिल हैं। आउटपुट उपकरण इसका उलटा काम करते हैं: वे कंप्यूटर के अंदर संसाधित डेटा को उस रूप में बदलते हैं जिसे मनुष्य समझ या उपयोग कर सके, जैसे मॉनिटर (दृश्य प्रदर्शन), प्रिंटर (कागज़ पर प्रति), स्पीकर (ध्वनि), या प्लॉटर (बड़े आकार के चित्र व ग्राफ)। कुछ उपकरण किसी एक श्रेणी में ठीक से फिट नहीं बैठते क्योंकि वे दोनों भूमिकाएं निभाते हैं — उदाहरण के लिए, टचस्क्रीन स्पर्श इनपुट स्वीकार करती है और साथ ही आउटपुट भी प्रदर्शित करती है, और मॉडेम संचार लाइन पर डेटा भेजता और प्राप्त करता, दोनों है। ऐसे दोहरी-भूमिका वाले उपकरणों को आमतौर पर इनपुट/आउटपुट (I/O) उपकरण कहा जाता है।
3. मेमोरी पदानुक्रम: RAM, ROM, कैश और सेकेंडरी स्टोरेज
कंप्यूटर कई स्तरों पर डेटा संग्रहीत करता है, जो गति, क्षमता और लागत के बीच संतुलन बनाते हैं। प्राइमरी मेमोरी सीधे CPU द्वारा सुलभ होती है और मशीन को चलाने के लिए आवश्यक है। रैंडम एक्सेस मेमोरी (RAM) कंप्यूटर की कार्यशील मेमोरी है — यह उन प्रोग्रामों और डेटा को अस्थायी रूप से रखती है जो सक्रिय रूप से उपयोग में हैं, और यह वोलेटाइल (अस्थिर) होती है, अर्थात बिजली बंद होते ही इसकी सामग्री मिट जाती है। रीड ओनली मेमोरी (ROM) व्यवहार में इसके विपरीत है: यह नॉन-वोलेटाइल (स्थिर) होती है, अतः बिजली न होने पर भी अपनी सामग्री बनाए रखती है, और यह उन आवश्यक निर्देशों के छोटे समूह को स्थायी रूप से संग्रहीत करती है — जैसे स्टार्टअप रूटीन — जो ऑपरेटिंग सिस्टम के नियंत्रण संभालने से पहले मशीन को बूट करने के लिए आवश्यक होते हैं। CPU और RAM के बीच कैश मेमोरी स्थित होती है, जो बहुत तेज़ किंतु कम क्षमता वाली मेमोरी है और सर्वाधिक बार उपयोग होने वाले डेटा व निर्देशों की प्रतिलिपि रखती है ताकि प्रोसेसर को हर बार धीमी RAM की प्रतीक्षा न करनी पड़े। CPU के अंदर रजिस्टर होते हैं, जो सबसे तेज़ और सबसे छोटी भंडारण इकाइयां हैं और उस डेटा को रखते हैं जिस पर प्रोसेसर उसी क्षण कार्य कर रहा होता है। प्राइमरी मेमोरी से आगे सेकेंडरी (या सहायक) स्टोरेज होती है — नॉन-वोलेटाइल, कहीं अधिक बड़ी क्षमता वाली, और पहुंचने में धीमी — जिसमें हार्ड डिस्क ड्राइव (HDD), सॉलिड स्टेट ड्राइव (SSD), CD/DVD जैसी ऑप्टिकल डिस्क, और USB फ्लैश ड्राइव शामिल हैं, जिनका उपयोग कंप्यूटर बंद होने पर भी डेटा और प्रोग्रामों को स्थायी रूप से संग्रहीत करने के लिए किया जाता है। सबसे तेज़-व-सबसे छोटी से लेकर सबसे धीमी-व-सबसे बड़ी तक क्रमबद्ध करें तो पदानुक्रम इस प्रकार है: रजिस्टर, फिर कैश, फिर RAM, फिर सेकेंडरी स्टोरेज।
4. ऑपरेटिंग सिस्टम: कार्य और सामान्य प्रकार
ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) सबसे महत्वपूर्ण सिस्टम सॉफ्टवेयर है, जो उपयोगकर्ता, एप्लिकेशन प्रोग्रामों और अंतर्निहित हार्डवेयर के बीच इंटरफ़ेस का कार्य करता है। इसकी मुख्य जिम्मेदारियों में प्रोसेस प्रबंधन (यह तय करना कि किस प्रोग्राम को कब CPU का ध्यान मिलेगा), मेमोरी प्रबंधन (चल रहे प्रोग्रामों के बीच RAM का आवंटन), फ़ाइल प्रबंधन (स्टोरेज उपकरणों पर डेटा को फ़ाइलों और फ़ोल्डरों में व्यवस्थित करना), डिवाइस प्रबंधन (ड्राइवरों के माध्यम से इनपुट/आउटपुट हार्डवेयर को नियंत्रित करना), तथा मानव संचालक को उपयोग योग्य इंटरफ़ेस प्रदान करना — या तो पाठ-आधारित कमांड-लाइन इंटरफ़ेस (CLI) या विंडो, आइकन व मेनू से बना ग्राफिकल यूज़र इंटरफ़ेस (GUI) — शामिल हैं। ऑपरेटिंग सिस्टम को आमतौर पर इस आधार पर वर्गीकृत किया जाता है कि वे उपयोगकर्ताओं और कार्यों को कैसे संभालते हैं। बैच ऑपरेटिंग सिस्टम कार्यों की एक कतार को बिना उपयोगकर्ता के हस्तक्षेप के एक के बाद एक निष्पादित करता है। टाइम-शेयरिंग (मल्टीटास्किंग) ऑपरेटिंग सिस्टम CPU के समय को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटता है ताकि कई प्रोग्राम, या यहां तक कि कई उपयोगकर्ता, एक साथ चलते हुए प्रतीत हों। रीयल-टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम गारंटी देता है कि कोई कार्य एक सख्त, पूर्वानुमेय समय-सीमा के भीतर पूरा होगा, जो इसे विमानन या चिकित्सा उपकरणों जैसे महत्वपूर्ण नियंत्रण प्रणालियों के लिए आवश्यक बनाता है। वितरित (डिस्ट्रिब्यूटेड) ऑपरेटिंग सिस्टम स्वतंत्र, नेटवर्कयुक्त कंप्यूटरों के समूह को इस तरह प्रबंधित करता है कि उपयोगकर्ता के दृष्टिकोण से वे एक ही एकीकृत प्रणाली की तरह व्यवहार करें। डेस्कटॉप ऑपरेटिंग सिस्टम के सामान्य उदाहरणों में Windows, Linux और macOS शामिल हैं, जबकि Android और iOS विशेष रूप से मोबाइल उपकरणों के लिए बने प्रमुख ऑपरेटिंग सिस्टम हैं।
5. कंप्यूटर नेटवर्क: LAN, MAN, WAN और इंटरनेट
कंप्यूटर नेटवर्क बस दो या अधिक कंप्यूटरों का आपस में जुड़ा होना है ताकि वे डेटा, फ़ाइलें और प्रिंटर जैसे हार्डवेयर संसाधन साझा कर सकें। नेटवर्कों को सबसे सामान्यतः उनके भौगोलिक क्षेत्र के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। पर्सनल एरिया नेटवर्क (PAN) की सीमा सबसे छोटी होती है, आमतौर पर केवल कुछ मीटर, जो किसी व्यक्ति के निजी उपकरणों को जोड़ता है — फोन और वायरलेस ईयरफोन के बीच ब्लूटूथ कनेक्शन इसका सामान्य उदाहरण है। लोकल एरिया नेटवर्क (LAN) किसी एक कार्यालय, भवन या परिसर जैसे सीमित क्षेत्र को कवर करता है; इसे स्थापित करना सस्ता होता है और यह बहुत उच्च डेटा-स्थानांतरण गति प्रदान करता है। मेट्रोपॉलिटन एरिया नेटवर्क (MAN) एक शहर या बड़े कस्बे तक फैला होता है, जो आमतौर पर कई LAN को आपस में जोड़ता है। वाइड एरिया नेटवर्क (WAN) सबसे बड़े क्षेत्र को कवर करता है — पूरा देश या यहां तक कि पूरा ग्रह — और इंटरनेट, जो एक सामान्य संचार नियम-समूह TCP/IP का उपयोग करके लाखों छोटे नेटवर्कों को आपस में जोड़ने वाला वैश्विक नेटवर्क है, को आमतौर पर सबसे बड़ा WAN माना जाता है। नेटवर्क में कंप्यूटरों के आपस में जुड़ने की भौतिक या तार्किक व्यवस्था को उसकी टोपोलॉजी कहा जाता है, और आमतौर पर पढ़ी जाने वाली टोपोलॉजी में बस, स्टार, रिंग और मेश शामिल हैं, जिनमें से प्रत्येक की लागत, विश्वसनीयता और विस्तार में आसानी के अपने-अपने व्यापार-संतुलन (ट्रेड-ऑफ) होते हैं।
6. कंप्यूटर की पीढ़ियां और मूल शब्दावली
कंप्यूटिंग के इतिहास को परंपरागत रूप से पांच पीढ़ियों में बांटा गया है, जिनमें से प्रत्येक उस मूल इलेक्ट्रॉनिक तकनीक से परिभाषित होती है जिसका वह उपयोग करती थी। पहली पीढ़ी (लगभग 1940 के दशक से मध्य-1950 के दशक तक) वैक्यूम ट्यूब पर निर्भर थी, ऐसी मशीनें जो विशाल थीं, बहुत अधिक बिजली खपत करती थीं और तीव्र गर्मी उत्पन्न करती थीं; ENIAC इस युग का मानक पाठ्यपुस्तक उदाहरण है। दूसरी पीढ़ी (मध्य-1950 से मध्य-1960 के दशक) ने वैक्यूम ट्यूब की जगह ट्रांजिस्टर का उपयोग किया, जो छोटे, अधिक विश्वसनीय और कहीं अधिक ऊर्जा-कुशल थे। तीसरी पीढ़ी (मध्य-1960 से प्रारंभिक-1970 के दशक) ने इंटीग्रेटेड सर्किट (IC) की शुरुआत की, जिसने कई ट्रांजिस्टरों को एक ही सिलिकॉन चिप पर समेट दिया, जिससे कंप्यूटर और छोटे हो गए तथा उनकी गति व विश्वसनीयता बढ़ गई। चौथी पीढ़ी (प्रारंभिक-1970 के दशक से अब तक) माइक्रोप्रोसेसर से परिभाषित होती है, एक ऐसी चिप जिसमें संपूर्ण केंद्रीय प्रसंस्करण इकाई (CPU) समाहित होती है, और यही नवाचार छोटे, किफायती पर्सनल कंप्यूटरों को संभव बनाता है। पांचवीं पीढ़ी, जो अभी भी विकसित हो रही है, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, समानांतर प्रसंस्करण और प्राकृतिक भाषा समझ से जुड़ी है — ऐसी तकनीकें जिनका उद्देश्य कंप्यूटरों को अधिक मानवीय ढंग से "सोचने" और संवाद करने में सक्षम बनाना है। इन पीढ़ियों के साथ-साथ, कुछ बुनियादी शब्द परीक्षा के प्रश्नों में बार-बार आते हैं: बिट डेटा की सबसे छोटी संभव इकाई है, या तो 0 या 1, और आठ बिट का समूह मिलकर एक बाइट बनाता है; केंद्रीय प्रसंस्करण इकाई (CPU), जिसे अक्सर कंप्यूटर का "मस्तिष्क" कहा जाता है, स्वयं अंकगणित तर्क इकाई (ALU) से बनी होती है, जो गणितीय व तार्किक संक्रियाएं करती है, और नियंत्रण इकाई (CU), जो हर अन्य घटक की गतिविधियों को निर्देशित व समन्वित करती है; और मदरबोर्ड वह मुख्य सर्किट बोर्ड है जो CPU, मेमोरी, स्टोरेज और अन्य सभी घटकों को भौतिक रूप से जोड़ता है ताकि वे आपस में संवाद कर सकें।
महत्वपूर्ण तथ्य
- हार्डवेयर कंप्यूटर प्रणाली का स्पर्शनीय, भौतिक हिस्सा है; सॉफ्टवेयर वह अमूर्त निर्देश-समूह है जो हार्डवेयर के व्यवहार को नियंत्रित करता है।
- सिस्टम सॉफ्टवेयर (जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम) हार्डवेयर का प्रबंधन करता है और एक मंच प्रदान करता है; एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर (जैसे वर्ड प्रोसेसर) उपयोगकर्ता के लिए विशिष्ट कार्य करता है।
- RAM वोलेटाइल और अस्थायी है; ROM नॉन-वोलेटाइल है और निश्चित, आवश्यक स्टार्टअप निर्देशों को संग्रहीत करता है।
- कैश मेमोरी CPU और RAM के बीच स्थित होती है, और यद्यपि यह RAM से क्षमता में छोटी होती है, यह काफी तेज़ होती है।
- मेमोरी पदानुक्रम, सबसे तेज़/सबसे छोटी से लेकर सबसे धीमी/सबसे बड़ी के क्रम में: रजिस्टर, कैश, RAM, सेकेंडरी स्टोरेज।
- एक बाइट 8 बिट के बराबर होता है; बड़ी डेटा इकाइयां आरोही क्रम में किलोबाइट, मेगाबाइट, गीगाबाइट और टेराबाइट के रूप में आती हैं।
- CPU मुख्यतः अंकगणित तर्क इकाई (ALU) से बना होता है, जो गणनाएं व तार्किक तुलनाएं करती है, और नियंत्रण इकाई (CU) से, जो समग्र संचालन को निर्देशित करती है।
- भौगोलिक कवरेज के अनुसार नेटवर्क के प्रकार, छोटे से बड़े क्रम में, PAN, LAN, MAN और WAN हैं; इंटरनेट को सबसे बड़ा WAN माना जाता है।
- कंप्यूटर की पांच पीढ़ियां क्रम में वैक्यूम ट्यूब, ट्रांजिस्टर, इंटीग्रेटेड सर्किट, माइक्रोप्रोसेसर, और (वर्तमान में) कृत्रिम बुद्धिमत्ता/समानांतर प्रसंस्करण से परिभाषित होती हैं।
- ऑपरेटिंग सिस्टम उपयोगकर्ता के कंप्यूटर से संवाद करने के लिए या तो कमांड-लाइन इंटरफ़ेस (CLI) या ग्राफिकल यूज़र इंटरफ़ेस (GUI) प्रदान करता है।
परीक्षा सुझाव
- MCQ में हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को धुंधला न करें — हार्डवेयर को भौतिक रूप से छुआ जा सकता है, सॉफ्टवेयर को नहीं।
- RAM-बनाम-ROM के अंतर को पक्का याद रखें: वोलेटाइल/अस्थायी बनाम नॉन-वोलेटाइल/स्थायी इस विषय में सबसे अधिक बार पूछी जाने वाली जोड़ी है।
- मेमोरी पदानुक्रम का क्रम (रजिस्टर > कैश > RAM > सेकेंडरी स्टोरेज) ठीक उसी क्रम में याद रखें जिसमें गति घटती है और क्षमता बढ़ती है।
- नेटवर्क क्षेत्र का क्रम PAN < LAN < MAN < WAN सीखें, और याद रखें कि इंटरनेट को सबसे बड़ा WAN माना जाता है।
- प्रत्येक कंप्यूटर पीढ़ी को उसकी परिभाषित तकनीक — वैक्यूम ट्यूब, ट्रांजिस्टर, IC, माइक्रोप्रोसेसर, AI — से मिलाएं, क्योंकि अनुक्रम-आधारित प्रश्न सामान्य हैं।
- सिस्टम सॉफ्टवेयर (मशीन का प्रबंधन करता है) को एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर (उपयोगकर्ता को कार्य करने में मदद करता है) से अलग रखें — यह परीक्षक का एक क्लासिक जाल है।
- परीक्षा से पहले बिट, बाइट, किलोबाइट, मेगाबाइट और गीगाबाइट के बीच सरल इकाई-रूपांतरणों का अभ्यास करें।
- सामान्य इनपुट, आउटपुट और दोहरी-भूमिका (I/O) उपकरणों की मानसिक सूची बनाएं ताकि MCQ में अपरिचित उपकरणों को भी सही ढंग से वर्गीकृत किया जा सके।
प्रत्येक कंप्यूटर द्वारा क्रम में की जाने वाली चार बुनियादी क्रियाओं को वाक्यांश "Incredibly Powerful Output Storage" से याद रखें। I = इनपुट (कीबोर्ड, माउस या स्कैनर के माध्यम से डेटा दर्ज किया जाता है), P = प्रोसेसिंग (CPU, ALU और नियंत्रण इकाई का उपयोग करके उस डेटा पर कार्य करता है), O = आउटपुट (परिणाम मॉनिटर, प्रिंटर या स्पीकर के माध्यम से दिखाए जाते हैं), S = स्टोरेज (डेटा और प्रोग्राम अभी के लिए RAM/ROM में और बाद के लिए हार्ड डिस्क या SSD पर रखे जाते हैं)। परीक्षा से पहले यह वाक्यांश स्वयं से दोहराएं, और हर शब्द इनपुट-प्रोसेस-आउटपुट-स्टोरेज चक्र के अगले चरण की याद दिला देगा।
RAM और ROM दोनों ही प्राइमरी मेमोरी हैं, लेकिन दोनों विपरीत ढंग से व्यवहार करते हैं। RAM (रैंडम एक्सेस मेमोरी) वोलेटाइल है — बिजली बंद होते ही इसमें संग्रहीत सब कुछ मिट जाता है — और इसका उपयोग कार्यशील मेमोरी के रूप में किया जाता है जो वर्तमान में उपयोग हो रहे प्रोग्रामों और डेटा को अस्थायी रूप से रखती है; अधिक RAM आमतौर पर कंप्यूटर को एक साथ अधिक प्रोग्राम सुचारू रूप से चलाने देती है। ROM (रीड ओनली मेमोरी) नॉन-वोलेटाइल है — बिजली न होने पर भी इसकी सामग्री बनी रहती है — और यह निर्देशों के एक छोटे, निश्चित समूह को स्थायी रूप से संग्रहीत करती है, जैसे स्टार्टअप/बूट रूटीन, जिसकी कंप्यूटर को ऑपरेटिंग सिस्टम लोड होने से पहले भी आवश्यकता होती है; सामान्य संचालन में इस सामग्री को दोबारा नहीं लिखा जाता। संक्षेप में: RAM = अस्थायी कार्यशील मेमोरी जो बिजली बंद होने पर खाली हो जाती है; ROM = स्थायी, अधिकांशतः निश्चित मेमोरी जो बिजली बंद होने पर भी बनी रहती है।
Q1. हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में मूल अंतर क्या है?
✅ हार्डवेयर कंप्यूटर के भौतिक, स्पर्श किए जा सकने वाले घटकों को संदर्भित करता है, जैसे CPU, कीबोर्ड और मॉनिटर, जबकि सॉफ्टवेयर निर्देशों या प्रोग्रामों का अमूर्त समूह है जो उस हार्डवेयर को बताता है कि क्या करना है।
Q2. RAM को वोलेटाइल और ROM को नॉन-वोलेटाइल क्यों कहा जाता है?
✅ बिजली बंद होते ही RAM अपना सारा संग्रहीत डेटा खो देती है, क्योंकि यह केवल वर्तमान में सक्रिय रूप से उपयोग हो रहे प्रोग्रामों और डेटा को रखती है; ROM बिजली न होने पर भी अपनी संग्रहीत सामग्री बनाए रखती है, क्योंकि यह आवश्यक स्टार्टअप निर्देशों को स्थायी रूप से संग्रहीत करती है।
Q3. PAN, LAN, MAN और WAN को भौगोलिक कवरेज के आरोही क्रम में व्यवस्थित करें।
✅ PAN < LAN < MAN < WAN — पर्सनल एरिया नेटवर्क केवल कुछ मीटर कवर करता है, लोकल एरिया नेटवर्क एक भवन या परिसर को कवर करता है, मेट्रोपॉलिटन एरिया नेटवर्क एक शहर को कवर करता है, और वाइड एरिया नेटवर्क एक देश या पूरे विश्व को कवर करता है, जिसमें इंटरनेट को सबसे बड़ा WAN माना जाता है।
Q4. कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी को कौन सी तकनीक परिभाषित करती है, और यह क्यों महत्वपूर्ण थी?
✅ माइक्रोप्रोसेसर, एक ऐसी चिप जिसमें संपूर्ण CPU समाहित है, चौथी पीढ़ी को परिभाषित करता है; इसने कंप्यूटरों को नाटकीय रूप से छोटा और सस्ता बना दिया, जिसने पर्सनल कंप्यूटरों को संभव बनाया।
Q5. ऑपरेटिंग सिस्टम हार्डवेयर और उपयोगकर्ता के संबंध में कौन से दो मुख्य कार्य करता है?
✅ यह CPU, मेमोरी, स्टोरेज और इनपुट/आउटपुट उपकरणों जैसे हार्डवेयर संसाधनों का प्रबंधन करता है, और एक इंटरफ़ेस — कमांड-लाइन या ग्राफिकल — प्रदान करता है जिसके माध्यम से उपयोगकर्ता कंप्यूटर संचालित कर सकता है और एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर चला सकता है।
सारांश
कंप्यूटर की बुनियादी अवधारणाएं RAS प्रीलिम्स में आने वाले हर अन्य प्रौद्योगिकी विषय की वैचारिक नींव हैं। हार्डवेयर स्पर्श की जा सकने वाली मशीन है, सॉफ्टवेयर वह अमूर्त निर्देश-समूह है जो उसे चलाता है, और फर्मवेयर सबसे निचले स्तर पर इन दोनों के बीच सेतु का कार्य करता है। इनपुट उपकरण डेटा को अंदर लाते हैं और आउटपुट उपकरण परिणामों को वापस बाहर भेजते हैं, जबकि मेमोरी — बिजली की तेज़ CPU रजिस्टरों से लेकर कैश, RAM, और अंततः धीमी किंतु स्थायी सेकेंडरी स्टोरेज तक — उस डेटा को अलग-अलग गति और अवधि पर रखती है। ऑपरेटिंग सिस्टम इन सबको आपस में जोड़ता है, हार्डवेयर संसाधनों का प्रबंधन करता है और उपयोगकर्ता को मशीन के साथ बातचीत करने का एक तरीका देता है, चाहे कमांड लाइन के माध्यम से हो या ग्राफिकल इंटरफ़ेस के। नेटवर्क तब एक अकेले कंप्यूटर की पहुंच को विस्तार देते हैं, सबसे छोटे पर्सनल एरिया नेटवर्क से लेकर इंटरनेट तक — जो सभी वाइड एरिया नेटवर्कों में सबसे बड़ा है — मशीनों को जोड़ते हुए। अंत में, कंप्यूटर की पांच पीढ़ियों का अनुरेखण — भारी-भरकम वैक्यूम-ट्यूब मशीनों से लेकर आज की माइक्रोप्रोसेसर-संचालित, AI-उन्मुख प्रणालियों तक — दिखाता है कि अंतर्निहित तकनीक कितनी आगे बढ़ चुकी है, जबकि हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, मेमोरी और नेटवर्किंग की ये मूल अवधारणाएं वह स्थिर शब्दावली बनी हुई हैं जिसे हर RAS अभ्यर्थी को पूरी तरह याद रखना चाहिए।
⚡ त्वरित रिवीजन — One-Liners
- •DNA की खोज 1953 में वॉटसन और क्रिक ने की; यह एक द्विकुण्डलित संरचना है।
- •ISRO की स्थापना 1969 में हुई; चंद्रयान-3 ने 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा पर सफल लैंडिंग की।
- •भारत ने पहला परमाणु परीक्षण 1974 में 'स्माइलिंग बुद्धा' के नाम से पोखरण में किया।
- •सुपर कंप्यूटर PARAM 8000 1991 में CDAC द्वारा विकसित किया गया — यह भारत का पहला स्वदेशी सुपर कंप्यूटर था।
- •डेंगू एडीस मच्छर से फैलता है; वायरस DENV 1-4।