परिचय
राजस्थानी भाषा का समृद्ध साहित्यिक इतिहास। ग्रियर्सन ने "लिंग्विस्टिक सर्वे" में राजस्थानी को अलग भाषा माना। 6-7 प्रमुख बोलियाँ।
मारवाड़ी — पश्चिमी राजस्थान
क्षेत्र: जोधपुर, बाड़मेर, जालौर, पाली, नागौर, सीकर, चुरू। सर्वाधिक बोले जाने वाली बोली। "राजस्थानी भाषा का मुकुट।" प्रसिद्ध साहित्य: "ढोला मारू रा दूहा," मीरा बाई के पद।
मेवाड़ी — दक्षिण-मध्य
क्षेत्र: उदयपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, भीलवाड़ा। साहित्यिक राजस्थानी का मानक।
ढूंढारी (जयपुरी) — पूर्वी राजस्थान
क्षेत्र: जयपुर, दौसा, टोंक, सवाई माधोपुर।
मेवाती — उत्तर-पूर्व
क्षेत्र: अलवर, भरतपुर, धौलपुर। मेव मुस्लिम इसे बोलते हैं।
हाड़ौती — दक्षिण-पूर्व
क्षेत्र: कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़।
वागड़ी — दक्षिणी राजस्थान
क्षेत्र: डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, प्रतापगढ़। गुजराती और भीली का मिश्रण। आदिवासी क्षेत्र।
राजस्थानी भाषा और मान्यता
राजस्थानी अभी तक आठवीं अनुसूची में शामिल नहीं। ग्रियर्सन 1908। दिंगल (वीरगाथा, मारवाड़ी) और पिंगल (श्रृंगार, ब्रजभाषा मिश्रित)।
RAS Prelims में महत्व
प्रत्येक बोली का क्षेत्र। दिंगल vs पिंगल। राजस्थानी आठवीं अनुसूची में नहीं — परीक्षा में आता है। वागड़ी = आदिवासी; बागड़ी = गंगानगर-हनुमानगढ़।
⚡ त्वरित रिवीजन — One-Liners
- •राजस्थान का एकीकरण 7 चरणों में हुआ और 30 मार्च 1949 को 'वृहत् राजस्थान' बना।
- •महाराणा प्रताप ने 1576 में हल्दीघाटी का युद्ध अकबर के सेनापति मानसिंह से लड़ा।
- •फड़ चित्रकला श्रीलालजी चितेरे जाति द्वारा बनाई जाती है; पाबूजी और देवनारायणजी की फड़ प्रसिद्ध है।
- •घूमर राजस्थान का राज्य नृत्य है और भीलों का प्रमुख नृत्य गैर है।
- •चित्तौड़गढ़ का किला राजस्थान का सबसे बड़ा किला है; इसे 'राजस्थान का गौरव' कहते हैं।