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📚 राजस्थान इतिहास, कला, संस्कृति, साहित्य, परंपरा एवं विरासत

राजस्थान के लोक नृत्य और संगीत

Folk Dance and Music of Rajasthan

10 मिनटbeginner✓ अपडेटेड: मई 2026· History, Art, Culture, Literature, Tradition & Heritage of Rajasthan

परिचय

राजस्थान के लोक नृत्य और संगीत इसकी जीवंत पहचान। घूमर, कालबेलिया और तेरहताली — यूनेस्को अमूर्त धरोहर। मांड शैली विश्वप्रसिद्ध।

प्रमुख लोक नृत्य

घूमर: राजस्थान का राज्य नृत्य। महिलाओं द्वारा। गणगौर और तीज पर।

कालबेलिया: कालबेलिया जाति। काले वस्त्र। यूनेस्को अमूर्त धरोहर (2010)। कलाकार: गुलाबो।

तेरहताली: कामड़ जाति। शरीर पर 13 मंजीरे।

चरी नृत्य: सिर पर अँगारों सहित चरी। किशनगढ़ (अजमेर)।

गींदड़: शेखावाटी, होली, पुरुष।

गवरी नृत्य: भील जाति। रक्षाबंधन के बाद 40 दिन।

लोक संगीत शैलियाँ

मांड: राजस्थान की सर्वश्रेष्ठ शैली। "केसरिया बालम" प्रसिद्ध गीत। अल्लाह जिलाई बाई (बीकानेर)"मरुधर की मल्लिका।"

लंगा और माँगणियार: पश्चिम राजस्थान (बाड़मेर, जैसलमेर)।

RAS Prelims में महत्व

घूमर = राज्य नृत्य। कालबेलिया = यूनेस्को 2010। तेरहताली = 13 मंजीरे। मांड + केसरिया बालम साथ याद करें।

त्वरित रिवीजन — One-Liners

  • राजस्थान का एकीकरण 7 चरणों में हुआ और 30 मार्च 1949 को 'वृहत् राजस्थान' बना।
  • महाराणा प्रताप ने 1576 में हल्दीघाटी का युद्ध अकबर के सेनापति मानसिंह से लड़ा।
  • फड़ चित्रकला श्रीलालजी चितेरे जाति द्वारा बनाई जाती है; पाबूजी और देवनारायणजी की फड़ प्रसिद्ध है।
  • घूमर राजस्थान का राज्य नृत्य है और भीलों का प्रमुख नृत्य गैर है।
  • चित्तौड़गढ़ का किला राजस्थान का सबसे बड़ा किला है; इसे 'राजस्थान का गौरव' कहते हैं।
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