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पर्वत के प्रकार और विश्व की प्रमुख पर्वत श्रेणियाँ | RAS

Types of Mountains and Major World Ranges | RAS

⏱ 12 मिनटintermediate✓ अपडेटेड: मार्च 2026· Geography of World and India

पहाड़ों का परिचय

पहाड़ आसपास के इलाके से काफी ऊंचे उठे हुए बड़े भूआकार होते हैं, जो आमतौर पर 600 मीटर से अधिक की ऊंचाई तक पहुंचते हैं। ये पृथ्वी की भूमि सतह के लगभग एक-चौथाई हिस्से को कवर करते हैं और हर महाद्वीप पर पाए जाते हैं। पहाड़ वैश्विक जलवायु प्रणाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, वर्षा के पैटर्न और हवा की दिशाओं को प्रभावित करते हैं। ये टेक्टोनिक प्लेट आंदोलन, ज्वालामुखीय गतिविधि और अपरदन के माध्यम से बनते या आकार पाते हैं। पहाड़ विविध पारिस्थितिक तंत्र का घर हैं और खनिज जमा, ताजा पानी और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण संसाधन प्रदान करते हैं। RPSC RAS प्रारंभिक परीक्षा के लिए पहाड़ की भूगोल को समझना आवश्यक है क्योंकि यह भौतिक भूगोल अनुभागों में बार-बार दिखाई देता है।

मुख्य अवधारणाएं

1. पहाड़ निर्माण प्रक्रियाएं

पहाड़ चार प्राथमिक तंत्र के माध्यम से बनते हैं: टेक्टोनिक प्लेट टकराव से बने वलित पहाड़, दरार रेखा आंदोलन से बने ब्लॉक पहाड़, लावा विस्फोट से बने ज्वालामुखी पहाड़, और मैग्मा घुसपैठ से बने गुंबद पहाड़। हिमालय और रॉकी पर्वत नवीन वलित पहाड़ों के उदाहरण हैं, ब्लैक फॉरेस्ट (जर्मनी) और वॉसगेस (फ्रांस) ब्लॉक पहाड़ हैं, और माउंट फुजी एक ज्वालामुखी पहाड़ है। प्रत्येक निर्माण प्रक्रिया विशिष्ट भौगोलिक विशेषताओं और खनिज संरचना का उत्पादन करती है।

2. आयु और ऊंचाई के आधार पर पहाड़ों का वर्गीकरण

पहाड़ों को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है: युवा या नवीन वलित पहाड़ (हिमालय, आल्प्स, रॉकी, एंडीज; टर्शियरी काल में बने, लगभग 65 मिलियन साल के भीतर, उच्च ऊंचाई), पुराने पहाड़ (100 मिलियन साल से अधिक पुराने, कम ऊंचाई), और मध्यम आयु के पहाड़। ऊंचाई आमतौर पर 600 मीटर से ऊपर की चोटियों के रूप में मापी जाती है। सबसे ऊंचा पहाड़ माउंट एवरेस्ट है जो 8,849 मीटर पर है, जबकि 600 मीटर से कम पहाड़ों को पहाड़ियों के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। यह वर्गीकरण कटाव के पैटर्न और भौगोलिक आयु को समझने में मदद करता है।

पर्वत का प्रकारनिर्माणउदाहरण
वलितप्लेट टकराव से भू-पर्पटी का मुड़नाहिमालय, आल्प्स, रॉकी, एंडीज
ब्लॉकभ्रंशों के सहारे भू-खंड का उठनाब्लैक फॉरेस्ट, वॉसगेस, सियरा नेवादा
ज्वालामुखीलावा और राख का जमावमाउंट फुजी
गुंबदमैग्मा घुसपैठ से ऊपर उठनागुंबदाकार पर्वत

3. पहाड़ की श्रृंखलाएं और ऑरोग्राफी

पहाड़ों की श्रृंखलाएं समान भूवैज्ञानिक प्रक्रियाओं द्वारा बनी पहाड़ों की निरंतर जंजीरें बनाती हैं। प्रमुख श्रृंखलाओं में हिमालय (एशिया), एंडीज (दक्षिण अमेरिका), रॉकीज (उत्तरी अमेरिका), और आल्प्स (यूरोप) शामिल हैं। ऑरोग्राफी, पहाड़ की विशेषताओं और मौसम पर उनके प्रभाव का अध्ययन, स्थानीय जलवायु भिन्नताओं, वर्षा क्षेत्रों और हवा के पैटर्न को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।

महाद्वीपसर्वोच्च चोटीऊंचाई (मी.)देश
एशियामाउंट एवरेस्ट8,849नेपाल-चीन
दक्षिण अमेरिकाअकोंकागुआ6,961अर्जेंटीना
उत्तरी अमेरिकाडेनाली6,190अमेरिका (अलास्का)
अफ्रीकाकिलिमंजारो5,895तंजानिया
यूरोपएल्ब्रुस5,642रूस
अंटार्कटिकाविन्सन मैसिफ4,892अंटार्कटिका
ओशिनियापुनचक जया4,884इंडोनेशिया

4. पहाड़ों का जलवायु पर प्रभाव

पहाड़ वर्षा छाया प्रभाव के माध्यम से जलवायु को काफी प्रभावित करते हैं, जो उनके पवनविमुख ढाल पर शुष्क क्षेत्र बनाते हैं जबकि पवनाभिमुख ढाल पर भारी वर्षा होती है। ऊंचाई क्षेत्र प्रति किलोमीटर ऊंचाई में लगभग 6.5°C का तापमान कमी प्रदर्शित करते हैं। यह आधार पर उष्णकटिबंधीय वनों से चोटियों पर अल्पाइन टुंड्रा तक विशिष्ट वनस्पति क्षेत्र बनाता है, कृषि, पर्यटन और जैव विविधता वितरण को प्रभावित करता है।

5. संसाधन और आर्थिक महत्व

पहाड़ों में तांबा, सोना, जस्ता और कीमती पत्थरों सहित विशाल खनिज जमा होते हैं। ये बर्फ और ग्लेशियर पिघलने के माध्यम से मानवता के आधे से अधिक हिस्से के लिए ताजे पानी का प्रमुख स्रोत हैं, जलविद्युत बांधों को शक्ति देते हैं, और व्यापक लकड़ी के जंगलों का समर्थन करते हैं। पहाड़ी पर्यटन महत्वपूर्ण राजस्व उत्पन्न करता है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में कृषि विशेष फसलें पैदा करती है। हालांकि, पहाड़ी पारिस्थितिकी प्रणालियां नाजुक हैं, जिससे टिकाऊ विकास के लिए संरक्षण प्रयास महत्वपूर्ण हैं।

RPSC RAS प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

  • माउंट एवरेस्ट (8,849 मीटर) दुनिया का सबसे ऊंचा पहाड़ है, जो नेपाल-चीन सीमा पर हिमालय में स्थित है
  • हिमालय वलित पहाड़ हैं जो अभी भी निर्माणाधीन हैं; टेक्टोनिक प्लेट टकराव के कारण ये लगभग 5 मिमी प्रति वर्ष की दर से ऊपर उठ रहे हैं
  • एंडीज पर्वत 7,000 किलोमीटर की लंबाई के साथ विश्व की सबसे लंबी पर्वत श्रृंखला बनाते हैं, जो सात दक्षिण अमेरिकी देशों (वेनेज़ुएला, कोलंबिया, इक्वाडोर, पेरू, बोलीविया, चिली, अर्जेंटीना) में फैली है
  • रॉकी पर्वत कनाडा से न्यू मैक्सिको तक लगभग 4,800 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं; ये नवीन वलित (उत्थित) पर्वत हैं, ब्लॉक पर्वत नहीं
  • पहाड़ी क्षेत्र जैव विविधता के प्रमुख केंद्र हैं और इनमें अनेक दुर्लभ पौधों और जीवों की प्रजातियां पाई जाती हैं
  • अग्नि वलय में विश्व के 75% सक्रिय ज्वालामुखी होते हैं और प्रशांत महासागर के चारों ओर पहाड़ की श्रृंखलाएं बनाते हैं
  • अल्पाइन वनस्पति क्षेत्र आमतौर पर 3,000-4,000 मीटर ऊंचाई पर शुरू होता है और कठोर परिस्थितियों के कारण वहां वनस्पति की वृद्धि बौनी और अवरुद्ध रहती है
  • विश्व के लगभग 69% ताजे पानी का भंडार हिमनदों (ग्लेशियर) और ध्रुवीय हिम-टोपियों में जमा है
  • पश्चिमी घाट और पूर्वी घाट भारत की प्रमुख पहाड़ी श्रृंखलाएं हैं जो मानसून पैटर्न को गंभीर रूप से प्रभावित करती हैं
  • पहाड़ प्राकृतिक बाधाओं के रूप में कार्य करते हैं जो क्षेत्रों के बीच अलग-अलग सांस्कृतिक, भाषाई और राजनीतिक सीमाएं बनाते हैं

परीक्षा की सलाह

  • विभिन्न महाद्वीपों से उदाहरण सहित चार पहाड़ निर्माण प्रक्रियाओं को याद रखें
  • उनके स्थान, ऊंचाई और भारत और विश्व के लिए प्रासंगिक विशेषताओं के साथ प्रमुख पहाड़ी श्रृंखलाओं का अध्ययन करें
  • भारत में वर्षा छाया प्रभाव के उदाहरण को समझें: पश्चिमी घाट का पूर्वी (पवनविमुख) भाग, यानी दक्कन पठार का वृष्टि-छाया क्षेत्र
  • पहाड़ों और खनिज संसाधनों के बीच संबंध पर ध्यान दें, विशेषकर भारतीय भूगोल अनुभागों के लिए
  • प्रमुख चोटियों और श्रृंखलाओं की पहचान तथा जलवायु और मानव गतिविधियों पर उनके प्रभाव के लिए नक्शे का अभ्यास करें
  • भारतीय पहाड़ों पर ध्यान दें: हिमालय, अरावली, पश्चिमी घाट, पूर्वी घाट और उनका भौगोलिक महत्व
  • समग्र समझ के लिए कृषि, पर्यटन, जल संसाधन और पर्यावरणीय मुद्दों से पहाड़ी भूगोल को जोड़ें
🧠 स्मरण ट्रिक — पर्वत निर्माण के प्रकार

तीन मुख्य निर्माण प्रकारों (वलित, ब्लॉक, ज्वालामुखी) को याद रखने के लिए "धक्का, उछाल, धुआं" याद रखें। धक्का — जब दो प्लेटें आपस में टकराकर धक्का देती हैं तो भू-पर्पटी मुड़कर ऊपर उठती है, जैसे हिमालय (वलित पर्वत)। उछाल — जब भ्रंश रेखाओं के सहारे भू-पर्पटी का एक हिस्सा ऊपर उछलता है (या नीचे धंसता है), जैसे ब्लैक फॉरेस्ट और वॉसगेस (ब्लॉक पर्वत)। धुआं — जब मैग्मा फूटकर बाहर निकलता है और ठंडा लावा जमा होकर पहाड़ बनाता है, जैसे माउंट फुजी (ज्वालामुखी पर्वत)।

⚠️ कन्फ्यूज़न बस्टर — वलित पर्वत बनाम ज्वालामुखी पर्वत

वलित पर्वत और ज्वालामुखी पर्वत अक्सर परीक्षा में उलझा देते हैं, लेकिन दोनों के बनने का तरीका बिल्कुल अलग है। वलित पर्वत, जैसे हिमालय, तब बनते हैं जब दो टेक्टोनिक प्लेटें टकराती हैं और भू-पर्पटी लाखों वर्षों में दबकर मुड़ जाती है और ऊपर उठती है — इसी लगातार टकराव के कारण हिमालय आज भी लगभग 5 मिमी प्रति वर्ष की दर से ऊंचा हो रहा है। ज्वालामुखी पर्वत, जैसे माउंट फुजी, तब बनते हैं जब मैग्मा भू-पर्पटी को फोड़कर बाहर निकलता है और ठंडा हुआ लावा तथा राख परत दर परत जमा होकर शंकु आकार बनाते हैं। याद रखें: प्लेट टकराव या भू-पर्पटी के मुड़ने की बात हो तो वलित पर्वत समझें; मैग्मा, लावा या विस्फोट की बात हो तो ज्वालामुखी पर्वत समझें।

Fold Mountain vs Volcanic Mountain FormationGround levelFold mountain labelFold MountainFold mountain peak formed as crust folds upwardTectonic plate pushing toward centerArrowhead showing plate movement directionOpposing tectonic plate pushing toward centerArrowhead showing opposing plate movement directionFold mountain process labelPlates collide, crust foldsVolcanic mountain labelVolcanic MountainVolcanic cone built up from erupted lava and ashCrater opening at the summitMagma rising through the ventConduit carrying magma upwardVolcanic mountain process labelMagma erupts, cone builds
📝 अभ्यास प्रश्न
Q1. हिमालय, ब्लैक फॉरेस्ट (जर्मनी) और माउंट फुजी में से कौन सा पर्वत प्रकार किस निर्माण प्रक्रिया से मेल खाता है?

✅ हिमालय वलित पर्वत हैं, जो टेक्टोनिक प्लेट टकराव से बने हैं। ब्लैक फॉरेस्ट ब्लॉक पर्वत है, जो भ्रंश रेखाओं के सहारे गति से बना है। माउंट फुजी एक ज्वालामुखी पर्वत है, जो लावा विस्फोट से बना है। प्रत्येक प्रक्रिया अलग भौगोलिक विशेषताएं उत्पन्न करती है।

Q2. माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई कितनी है और यह कहां स्थित है?

✅ माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई 8,849 मीटर है, जो इसे विश्व का सबसे ऊंचा पर्वत बनाती है। यह हिमालय में नेपाल-चीन सीमा पर स्थित है।

Q3. हिमालय आज भी क्यों बढ़ रहा है?

✅ हिमालय वलित पर्वत है जो टेक्टोनिक प्लेटों के टकराव से बना है, और यह टकराव आज भी जारी है — इसी कारण यह श्रृंखला हर साल लगभग 5 मिमी ऊंची होती जा रही है।

Q4. माउंट फुजी जैसा ज्वालामुखी पर्वत वलित पर्वत से किस तरह अलग तरीके से बनता है?

✅ ज्वालामुखी पर्वत तब बनता है जब मैग्मा भू-पर्पटी को फोड़कर लावा के रूप में बाहर निकलता है, जो ठंडा होकर शंकु आकार में जमा हो जाता है — जबकि वलित पर्वत प्लेट टकराव के दौरान भू-पर्पटी के धीमे संपीड़न से बनता है, जिसमें कोई विस्फोट शामिल नहीं होता।

Q5. ब्लॉक पर्वत किस प्रक्रिया से बनते हैं, और इसका एक प्रसिद्ध उदाहरण कौन सा है?

✅ ब्लॉक पर्वत तब बनते हैं जब भ्रंश रेखाओं के सहारे गति के कारण भू-पर्पटी का एक हिस्सा ऊपर उठता है (या आसपास की भूमि नीचे धंस जाती है), जिससे एक उठा हुआ खंड बनता है। ब्लैक फॉरेस्ट (जर्मनी), वॉसगेस (फ्रांस) और सियरा नेवादा (अमेरिका) ब्लॉक पर्वतों के प्रसिद्ध उदाहरण हैं; रॉकी पर्वत वलित (उत्थित) पर्वत हैं।

सारांश

पहाड़ पृथ्वी की भूमि सतह के लगभग एक-चौथाई हिस्से को कवर करने वाले महत्वपूर्ण भूआकार हैं, जो टेक्टोनिक, ज्वालामुखीय और अपरदन प्रक्रियाओं के माध्यम से बने और आकार प्राप्त हैं। वे निर्माण प्रकार और ऊंचाई के आधार पर वर्गीकृत हैं, प्रमुख श्रृंखलाओं में हिमालय, एंडीज, रॉकीज और आल्प्स शामिल हैं। पहाड़ ऑरोग्राफिक प्रभाव और वर्षा छाया घटनाओं के माध्यम से वैश्विक जलवायु को गहराई से प्रभावित करते हैं, अलग-अलग ऊंचाई-आधारित वनस्पति क्षेत्र बनाते हैं, और जल, खनिज और लकड़ी सहित महत्वपूर्ण संसाधन प्रदान करते हैं। भारत में, हिमालय और पश्चिमी घाट जलवायु विनियमन और जैव विविधता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पहाड़ी भूगोल को समझना RPSC RAS प्रारंभिक के लिए आवश्यक है क्योंकि यह भौतिक भूगोल को मानव भूगोल, पर्यावरणीय चिंताओं और आर्थिक महत्व से जोड़ता है।

⚡ त्वरित रिवीजन — One-Liners

  • •थार मरुस्थल विश्व का 9वाँ सबसे बड़ा मरुस्थल है; यह राजस्थान के पश्चिमी भाग में है।
  • •चंबल नदी राजस्थान की एकमात्र बारहमासी नदी है; यह यमुना में मिलती है।
  • •भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून जून में केरल पहुंचता है; यह अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों से आता है।
  • •कर्क रेखा (23.5°N) राजस्थान के बांसवाड़ा जिले से गुजरती है।
  • •मकराना (नागौर) का सफेद संगमरमर ताजमहल में प्रयुक्त।
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इस टॉपिक से जुड़े पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ)

आधिकारिक प्रश्नपत्रों के असली प्रश्न, उत्तर सहित।

  1. RAS 2015

    राजस्थान राज्य में पाया जाने वाला प्रमुख कोयला प्रकार है

    1. (A) पीट
    2. (B) एन्थ्रासाइट
    3. (C) बिटुमिनस
    4. (D) लिग्नाइट

    उत्तर: (D) लिग्नाइट

  2. RAS 2024

    निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : (I) लूनी बेसिन और शेखावाटी क्षेत्र राजस्थान बांगड़ के उप-प्रदेश हैं। (II) घग्घर का मैदान मुख्यतः हनुमानगढ़ और गंगानगर जिलों में विस्तृत है। (III) नागौरी उच्च भूमि में खारी झीलें और आंतरिक अपवाह पाया जाता है। (IV) अरावली पर्वतमाला सभी प्रकार के खनिजों से समृद्ध है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर का चयन कीजिए : कूट :

    1. (A) I और II
    2. (B) I, II और III
    3. (C) II, III और IV
    4. (D) I, II, III और IV

    उत्तर: (B) I, II और III

  3. RAS 2024

    विश्व के किस वन क्षेत्र में सर्वाधिक वनोन्मूलन दर्ज किया गया है ?

    1. (A) शंकुधारी (कोनिफेरस)
    2. (B) उष्णकटिबंधीय
    3. (C) सवाना पर्णपाती
    4. (D) ज्वारीय

    उत्तर: (B) उष्णकटिबंधीय

  4. RAS 2024

    जयपुर, दौसा और अलवर जिलों में किस प्रकार की मृदा प्रमुख है ?

    1. (A) एंटीसोल
    2. (B) इंसेप्टिसोल
    3. (C) वर्टिसोल
    4. (D) अल्फिसोल

    उत्तर: (D) अल्फिसोल

  5. RAS 2018

    सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए : सूची-I (जिले) (a) जालोर (b) जयपुर (c) अलवर (d) सीकर सूची-II (पर्वत) (I) बरवाड़ा (II) झारोला (III) रघुनाथगढ़ (IV) भानगढ़

    1. (A) a-II, b-I, c-IV, d-III
    2. (B) a-I, b-II, c-III, d-IV
    3. (C) a-IV, b-III, c-II, d-I
    4. (D) a-III, b-II, c-I, d-IV

    उत्तर: (A) a-II, b-I, c-IV, d-III

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