परिचय | Introduction
शक्तियों का पृथक्करण संवैधानिक शासन का मौलिक सिद्धांत है जो सरकार को तीन शाखाओं में विभाजित करता है: कार्यपालिका, विधायिका, और न्यायपालिका। यह मॉन्टेस्क्यू (1748) के सिद्धांत पर आधारित है।
ऐतिहासिक विकास | Historical
मॉन्टेस्क्यू (1748) ने "The Spirit of the Laws" में इस सिद्धांत को औपचारिक रूप दिया। अमेरिकी संविधान (1787) और फ्रांसीसी संविधान (1791) ने इसे अपनाया।
संरचना | Structure
- कार्यपालिका: राष्ट्रपति (संवैधानिक प्रमुख) + प्रधानमंत्री (वास्तविक प्रमुख)। मंत्रिपरिषद: लोकसभा की 15% से अधिक नहीं।
- विधायिका: लोकसभा 545 सदस्य (5 वर्ष) + राज्यसभा 245 सदस्य (6 वर्ष)
- न्यायपालिका: सर्वोच्च न्यायालय — 1 मुख्य न्यायाधीश + 33 न्यायाधीश
नियंत्रण और संतुलन | Checks and Balances
- विधायिका अविश्वास प्रस्ताव से कार्यपालिका हटा सकती है
- न्यायपालिका न्यायिक समीक्षा से कानून रद्द कर सकती है
- राज्यसभा विधेयक को 6 महीने रोक सकती है
- धन विधेयक: केवल लोकसभा में; राज्यसभा को 14 दिन में वापस करना होगा
परीक्षा के महत्वपूर्ण बिंदु | Exam Points
- मॉन्टेस्क्यू (1748) — सिद्धांत के जनक
- राष्ट्रपति: संवैधानिक प्रमुख; प्रधानमंत्री: वास्तविक कार्यपालिका
- मंत्रिपरिषद: लोकसभा शक्ति का 15% से अधिक नहीं
- लोकसभा: 545 सदस्य; राज्यसभा: 245 सदस्य
- अविश्वास प्रस्ताव: लोकसभा में साधारण बहुमत से
- न्यायिक समीक्षा: केशवानंद भारती (1973)
- धन विधेयक: केवल लोकसभा में; राज्यसभा 14 दिन में वापस करे
- आपातकाल शक्तियां: 44वें संशोधन (1978) से प्रतिबंधित