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पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी: RAS नोट्स | राजस्थान विशेष

Environment and Ecology: RAS Notes | Rajasthan Special

⏱ 12 मिनटadvanced✓ अपडेटेड: मार्च 2026· Science and Technology

परिचय एवं परीक्षा प्रासंगिकता

पर्यावरण राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की RAS परीक्षा में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विषय के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण अध्याय है। दैनिक विज्ञान के इस विभाग में पर्यावरण से संबंधित प्रश्न सामान्य ज्ञान और राजस्थान विशेष दोनों पहलुओं से पूछे जाते हैं। पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों में पर्यावरण से नियमित रूप से प्रश्न आए हैं।

पर्यावरण शिक्षा का महत्व आजकल के समय में अत्यंत बढ़ गया है क्योंकि भारत की प्रशासनिक परीक्षाओं में पर्यावरणीय जागरूकता और संरक्षण से संबंधित नीतियों का विस्तृत आकलन किया जाता है। राजस्थान राज्य की विशेष भौगोलिक स्थिति, जलवायु परिस्थितियां और पर्यावरणीय चुनौतियां इस विषय को और भी प्रासंगिक बनाती हैं।

मुख्य अवधारणाएं

1. पर्यावरण की परिभाषा और घटक

पर्यावरण शब्द का अर्थ हमारे चारों ओर की सभी जीवित और निर्जीव वस्तुओं के संपूर्ण समुच्चय से है। पर्यावरण के मुख्य घटक हैं - जैविक घटक (पौधे, जानवर, सूक्ष्मजीव) और अजैविक घटक (वायु, जल, मिट्टी, प्रकाश, तापमान)। पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के अनुसार, पर्यावरण में जल, वायु, मिट्टी और इनमें निहित सभी जीव-जंतु शामिल हैं।

2. पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem)

पारिस्थितिकी तंत्र जीवों और उनके भौतिक पर्यावरण के बीच एक जटिल संबंध है। इसमें उत्पादक (पौधे), उपभोक्ता (जानवर) और अपघटनकर्ता (बैक्टीरिया, कवक) शामिल होते हैं। राजस्थान में मुख्य पारिस्थितिकी तंत्र हैं - थार मरुस्थल, घास के मैदान और वन क्षेत्र। ऊर्जा का प्रवाह सूर्य से आता है और भोजन श्रृंखला के माध्यम से विभिन्न जीवों तक पहुंचता है।

3. जलचक्र, कार्बन चक्र और नाइट्रोजन चक्र

जलचक्र पृथ्वी पर जल के परिसंचरण की प्रक्रिया है जिसमें वाष्पीकरण, संघनन और वर्षा शामिल है। कार्बन चक्र में कार्बन डाइऑक्साइड वायुमंडल से पौधों द्वारा ग्रहण की जाती है और भोजन श्रृंखला के माध्यम से आगे बढ़ती है। नाइट्रोजन चक्र में नाइट्रोजन वायुमंडल से जीवों तक पहुंचती है। ये सभी चक्र प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

4. जैव विविधता और संरक्षण

जैव विविधता से तात्पर्य पृथ्वी पर पाई जाने वाली सभी जीवों की विविधता से है। भारत विश्व के सबसे जैव विविध देशों में से एक है। राजस्थान में वनस्पतियों और जीवों की विविध प्रजातियां पाई जाती हैं। राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभयारण्य और जैव विविधता क्षेत्र जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जैव विविधता अधिनियम, 2002 भारत में जैव विविधता के संरक्षण और सतत उपयोग का कानूनी ढांचा है।

5. प्रदूषण के प्रकार और नियंत्रण

प्रदूषण मुख्यतः चार प्रकार का होता है - वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, मिट्टी प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण। वायु प्रदूषण में सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और कण पदार्थ शामिल हैं। जल प्रदूषण रासायनिक और जैविक अपशिष्टों से होता है। ओजोन परत के क्षरण से हानिकारक पराबैंगनी विकिरण पृथ्वी तक अधिक पहुंचता है। ग्रीनहाउस गैसें जलवायु परिवर्तन का कारण बनती हैं। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT, 2010) पर्यावरण से जुड़े मामलों का त्वरित निपटारा करता है।

महत्वपूर्ण तथ्य

वायुमंडल की संरचना: नाइट्रोजन 78%, ऑक्सीजन 21% और अन्य गैसें 1% हैं। ओजोन परत 15-35 किमी की ऊंचाई पर स्थित है।

जल संसाधन: पृथ्वी पर 97% खारा जल और 3% मीठा जल है। मीठे पानी का 70% हिमनद और ध्रुवीय क्षेत्रों में है।

जलवायु परिवर्तन: कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) का स्तर 1950 में 310 ppm था, अब 420 ppm से अधिक है।

वन संरक्षण: भारत वन स्थिति रिपोर्ट (ISFR) 2023 के अनुसार भारत के भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 21.76% वन आच्छादन है (वन और वृक्ष आच्छादन मिलाकर लगभग 25.17%)। राजस्थान का अभिलिखित वन क्षेत्र राज्य के कुल क्षेत्र का लगभग 9.6% है।

वन्यजीव संरक्षण: बाघ परियोजना (प्रोजेक्ट टाइगर) 1973 में शुरू की गई। भारत में अब 50 से अधिक (लगभग 58) बाघ अभयारण्य हैं। राजस्थान में रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान विश्व प्रसिद्ध है।

मरुस्थलीकरण: राजस्थान का बड़ा भाग मरुस्थलीकरण और भूमि क्षरण से प्रभावित है। इंदिरा गांधी नहर इस समस्या के समाधान में महत्वपूर्ण है।

नवीकरणीय ऊर्जा: सूर्य, वायु और जल से प्राप्त ऊर्जा नवीकरणीय है। राजस्थान सौर ऊर्जा में भारत में अग्रणी है।

राजस्थान विशेष

थार मरुस्थल: राजस्थान का लगभग 60% भाग थार मरुस्थल से ढका है। यह विश्व के प्रमुख उष्ण मरुस्थलों में से एक है और सबसे घनी आबादी वाला मरुस्थल माना जाता है। यहां वर्षा बहुत कम (प्रायः 50 सेमी प्रति वर्ष से कम) होती है और ग्रीष्म ऋतु में कुछ स्थानों पर तापमान 50°C के आसपास पहुंच जाता है।

जल संसाधन: राजस्थान में पानी की कमी एक गंभीर समस्या है। इंदिरा गांधी नहर परियोजना राज्य की जीवन रेखा है। चंबल, माही, लूनी और बनास नदियां तथा इंदिरा गांधी नहर प्रमुख जल स्रोत हैं।

वन और वन्यजीव: राजस्थान में 25 से अधिक वन्यजीव अभयारण्य हैं। रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान और सरिस्का बाघ अभयारण्य (टाइगर रिज़र्व) प्रमुख हैं। खेजड़ी (शमी) यहां का प्रमुख वृक्ष है और सेवण व धामन प्रमुख घासें हैं।

संरक्षित क्षेत्रजिलाविशेषता
रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यानसवाई माधोपुरबाघ
सरिस्का बाघ अभयारण्यअलवरबाघ
केवलादेव राष्ट्रीय उद्यानभरतपुरप्रवासी पक्षी, विश्व धरोहर (1985)
मरु राष्ट्रीय उद्यानजैसलमेर / बाड़मेरमरुस्थलीय वन्यजीव

पर्यावरणीय चुनौतियां: वायु प्रदूषण, जल की कमी, मरुस्थलीकरण, भूमि क्षरण और खनन गतिविधियां राजस्थान की मुख्य पर्यावरणीय समस्याएं हैं।

संरक्षण नीतियां: राजस्थान सौर ऊर्जा नीति 2019 और राजस्थान वन नीति 2010 पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण हैं।

परीक्षा पैटर्न

RAS प्रारंभिक परीक्षा एक वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्र है (150 प्रश्न, 200 अंक, 3 घंटे, 1/3 ऋणात्मक अंकन, पाँचवाँ विकल्प E)। इसमें पर्यावरण से सवाल निम्नलिखित तरीकों से पूछे जाते हैं:

बहु-विकल्पीय प्रश्न (MCQ): परीक्षा का मुख्य भाग। प्रश्नों में पारिस्थितिकी, जलवायु परिवर्तन, संरक्षण नीतियां और राजस्थान विशेष विषय शामिल होते हैं।

गलत तथ्य पहचान: दिए गए विकल्पों में से गलत बयान को चुनना पड़ता है। पर्यावरणीय आंकड़ों और नीतियों से संबंधित ऐसे प्रश्न आम हैं।

तुलना आधारित: दो अवधारणाओं या क्षेत्रों के बीच अंतर पूछना। उदाहरण - प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र बनाम कृत्रिम पारिस्थितिकी तंत्र।

राजस्थान केंद्रित: राज्य की विशेष पर्यावरणीय परिस्थितियों, राष्ट्रीय उद्यानों, वन्यजीव अभयारण्यों और संरक्षण प्रयासों से संबंधित प्रश्न।

स्मरण युक्तियां

संक्षिप्त नाम याद रखें: IUCN, WWF, UNEP, CBD जैसे संगठनों और संधियों के पूरे नाम याद करें।

सूचकांक और आंकड़े: वन आच्छादन का प्रतिशत (21.76%, ISFR 2023), ओजोन परत की ऊंचाई (15-35 किमी), कार्बन डाइऑक्साइड का स्तर (420 ppm से अधिक) को दोहराएं।

राजस्थान की तुलनात्मक जानकारी: भारतीय औसत के साथ राजस्थान की स्थिति को तुलना करें। उदाहरण - राजस्थान का अभिलिखित वन क्षेत्र लगभग 9.6% है।

समय-क्रम विधि: महत्वपूर्ण नीतियों और परियोजनाओं का समय-क्रम याद करें - बाघ परियोजना 1973, NGT 2010, जैव विविधता अधिनियम 2002, आदि।

चित्रात्मक स्मरण: भोजन श्रृंखला, जलचक्र, कार्बन चक्र को चित्रों के माध्यम से याद करें।

विपरीत जोड़ी बनाएं: नवीकरणीय × गैर-नवीकरणीय, प्राकृतिक × कृत्रिम, जैविक × अजैविक जैसे विपरीत शब्दों के जोड़े बनाएं।

वास्तविक उदाहरण सीखें: केस स्टडी के रूप में वास्तविक परियोजनाएं पढ़ें - रणथम्भौर में बाघ संरक्षण, इंदिरा गांधी नहर परियोजना आदि।

समाचार पत्र पढ़ें: पर्यावरण से संबंधित समाचारों को नियमित रूप से पढ़ें और वर्तमान मुद्दों से अवगत रहें।

इस अध्ययन मार्गदर्शिका को नियमित रूप से दोहराएं और पिछले वर्षों के प्रश्नों का समाधान करें।

⚡ त्वरित रिवीजन — One-Liners

  • •DNA की खोज 1953 में वॉटसन और क्रिक ने की; यह एक द्विकुण्डलित संरचना है।
  • •ISRO की स्थापना 1969 में हुई; चंद्रयान-3 ने 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा पर सफल लैंडिंग की।
  • •भारत ने पहला परमाणु परीक्षण 1974 में 'स्माइलिंग बुद्धा' के नाम से पोखरण में किया।
  • •सुपर कंप्यूटर PARAM 8000 1991 में CDAC द्वारा विकसित किया गया — यह भारत का पहला स्वदेशी सुपर कंप्यूटर था।
  • •डेंगू एडीस मच्छर से फैलता है; वायरस DENV 1-4।
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