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राष्ट्रीय · अर्थव्यवस्था

केंद्र-राज्य राजकोषीय संबंधों पर 16वां वित्त आयोग

3 मार्च 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

16वां वित्त आयोग — अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया; राज्यों का कर हिस्सा 41% पर बरकरार।

क्या हुआ

16वें वित्त आयोग व केंद्र-राज्य राजकोषीय संबंधों की चर्चा हुई। वित्त आयोग एक संवैधानिक निकाय है (अनुच्छेद 280) जिसे राष्ट्रपति हर पाँच वर्ष में गठित करता है। इसका मुख्य कार्य केंद्र व राज्यों के बीच करों के वितरण (ऊर्ध्वाधर विभाजन) व राज्यों के बीच आवंटन (क्षैतिज विभाजन) की सिफारिश करना है, साथ ही अनुदान-सहायता व स्थानीय निकायों हेतु संसाधन। 16वाँ वित्त आयोग 2026-31 की अवधि के लिए सिफारिशें देगा। प्रमुख मुद्दे — कर हिस्सेदारी (वर्तमान 41%), उपकर/अधिभार, राजकोषीय संघवाद व राज्यों की मांगें। यह सहकारी संघवाद से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 116वाँ वित्त आयोग व केंद्र-राज्य राजकोषीय संबंध।
  2. 2वित्त आयोग — अनुच्छेद 280; संवैधानिक निकाय।
  3. 3कर वितरण (ऊर्ध्वाधर व क्षैतिज); अनुदान।
  4. 4वर्तमान कर हिस्सा — 41%; 16वाँ 2026-31।
  5. 5राजकोषीय संघवाद; सहकारी संघवाद।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

वित्त आयोग, कर हस्तांतरण व राजकोषीय संघवाद राजव्यवस्था/अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं।

स्थायी GK: वित्त आयोग — अनुच्छेद 280; हर 5 वर्ष। कर वितरण (ऊर्ध्वाधर/क्षैतिज); अनुदान। वर्तमान कर हिस्सा 41%। 16वाँ — 2026-31।

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