26 फरवरी 2026 · 26 February 2026विज्ञान
किशोर मानसिक स्वास्थ्य संकट
Adolescent mental health crisis
किशोर मानसिक स्वास्थ्य संकट — शैक्षणिक दबाव, सोशल मीडिया, अलगाव से बढ़ता तनाव व अवसाद।
मुख्य तथ्य
- •किशोर मानसिक स्वास्थ्य संकट।
- •किशोरावस्था (10-19 वर्ष) — तीव्र परिवर्तन।
- •तनाव, चिंता, अवसाद; शैक्षणिक/सोशल दबाव।
- •शीघ्र पहचान व सहायक वातावरण ज़रूरी।
- •टेली-मानस; राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम।
किशोर मानसिक स्वास्थ्य संकट की चर्चा हुई। किशोरावस्था (10-19 वर्ष) तीव्र शारीरिक, भावनात्मक व सामाजिक परिवर्तनों का काल है, जिसमें तनाव, चिंता, अवसाद, व्यवहार-समस्याएँ व आत्म-सम्मान संबंधी मुद्दे उभर सकते हैं। शैक्षणिक दबाव, सोशल मीडिया/स्क्रीन-समय, परिवार/सामाजिक अपेक्षाएँ व जागरूकता-कलंक (stigma) इसे और जटिल बनाते हैं। शीघ्र पहचान, सहायक वातावरण व पेशेवर सहायता महत्वपूर्ण है। भारत में 'टेली-मानस' हेल्पलाइन, स्कूल-काउंसलिंग व राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम सहायता देते हैं। यह सार्वजनिक स्वास्थ्य, युवा-कल्याण व सामाजिक संवेदनशीलता से जुड़ा है। यह विज्ञान/स्वास्थ्य से जुड़ा है। (यह एक संवेदनशील विषय है; यदि कोई व्यक्तिगत रूप से संघर्ष कर रहा हो तो उपयुक्त पेशेवर/विश्वसनीय सहायता लेना उचित है।)
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
किशोर मानसिक स्वास्थ्य, टेली-मानस व मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम स्वास्थ्य में पूछे जाते हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
किशोर मानसिक स्वास्थ्य (10-19 वर्ष) — तनाव, चिंता, अवसाद। कारण — शैक्षणिक दबाव, सोशल मीडिया, कलंक। टेली-मानस; स्कूल-काउंसलिंग।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert