दिल्ली विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग में देश का पहला कार्बन गार्डन
8 सितंबर 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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दिल्ली विश्वविद्यालय का कार्बन गार्डन (लगभग 2,000 वर्ग फुट, करीब 50 पादप प्रजातियाँ) देश का पहला माना गया है।
क्या हुआ
यह कार्बन गार्डन दिल्ली विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग के बाहर वाले लॉन में विकसित किया गया है। इसका उद्घाटन कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कल्पवृक्ष का पौधा लगाकर किया। लगभग 2,000 वर्ग फुट क्षेत्र में जड़ी-बूटियों, झाड़ियों और पेड़ों की करीब 50 प्रजातियों के साथ शैवाल, कवक, बैक्टीरिया, मॉस, फर्न, अनावृतबीजी और आवृतबीजी पौधे रखे गए हैं। इसमें स्पिरुलिना वाला शैवाल तालाब भी है, और पेड़ों की छाल पर रहने वाले सूक्ष्मजीव मीथेन व कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी गैसों को ग्रहण करते हैं। विभागाध्यक्ष प्रो. दीनबंधु साहू की टीम ने इसे लगभग चार वर्ष में तैयार किया।
मुख्य तथ्य
- 1स्थान: वनस्पति विज्ञान विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय
- 2क्षेत्रफल लगभग 2,000 वर्ग फुट; करीब 50 प्रजातियाँ
- 3शैवाल (स्पिरुलिना), कवक, बैक्टीरिया, मॉस और फर्न भी शामिल
- 4प्रो. दीनबंधु साहू के नेतृत्व में लगभग चार वर्ष में तैयार
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
प्रारंभिक परीक्षा में पूछा जा सकता है कि देश का पहला कार्बन गार्डन किस संस्थान में बना या उसमें कौन-से जीव प्रदूषक ग्रहण करते हैं।
स्थायी GK: कार्बन पृथक्करण (कार्बन सीक्वेस्ट्रेशन) का अर्थ है कार्बन डाइऑक्साइड को पकड़कर लंबे समय तक संग्रहित करना; पौधे यह काम प्रकाश संश्लेषण द्वारा CO2 को बायोमास में बदलकर करते हैं।