बिहार-झारखंड ने सोन नदी जल विवाद सुलझाने हेतु समझौता किया, 25 वर्ष पुराना विवाद खत्म
2 सितंबर 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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बिहार-झारखंड ने केंद्र की मध्यस्थता से सोन नदी जल विवाद का 25 वर्षों बाद समाधान किया।
क्या हुआ
यह समझौता झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की उपस्थिति में हुआ, तथा अंतर-राज्य परिषद तंत्र के माध्यम से संपन्न हुआ, जिसे केंद्रीय अधिकारियों ने "सहकारी संघवाद" और "टीम भारत" दृष्टिकोण का उदाहरण बताया। यह समझौता बिहार के भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, अरवल, गया और पटना जिलों तथा झारखंड के पलामू और गढ़वा क्षेत्रों को लाभान्वित करेगा। इसे अंतर-राज्य परिषद मार्ग से वर्ष 2026 में सुलझाया गया चौथा प्रमुख अंतर-राज्यीय जल-साझाकरण समझौता बताया गया है।
मुख्य तथ्य
- 1बिहार-झारखंड के बीच सोन नदी जल को लेकर करीब 25 वर्ष पुराना विवाद सुलझा
- 2अंतर-राज्य परिषद तंत्र के माध्यम से हस्ताक्षरित, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह साक्षी
- 3बिहार के 8 और झारखंड के 2 जिलों की सिंचाई व पेयजल आवश्यकताएं शामिल
- 42026 में इस मार्ग से सुलझाया गया चौथा प्रमुख अंतर-राज्यीय जल समझौता
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
अंतर-राज्यीय नदी जल विवाद और समाधान तंत्र (अंतर-राज्य परिषद) राजस्थान के अपने अंतर-राज्यीय जल मुद्दों को देखते हुए RAS मुख्य परीक्षा के लिए प्रासंगिक विषय है।
स्थायी GK: सोन नदी गंगा की एक सहायक नदी है, जो मध्य प्रदेश के अमरकंटक के निकट से निकलती है।