'दिमाग खाने वाला अमीबा' — केरल में PAM से मृत्यु
21 मई 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
PAM — नेग्लेरिया फाउलेरी; गर्म ताजे जल में; नाक से संक्रमण।
क्या हुआ
केरल में 'मस्तिष्क-भक्षी अमीबा' (brain-eating amoeba) से PAM के कारण मृत्यु की चर्चा हुई। PAM (प्राइमरी अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस) एक दुर्लभ पर लगभग हमेशा घातक मस्तिष्क संक्रमण है, जो 'नेगलेरिया फाउलेरी' (Naegleria fowleri) नामक मुक्त-जीवी अमीबा से होता है। यह अमीबा गर्म, स्थिर ताज़े जल (तालाब, झील, गर्म झरने, अनुपचारित जल) में पाया जाता है व नाक के माध्यम से मस्तिष्क तक पहुँचता है (पीने से नहीं फैलता)। बढ़ता तापमान/जलवायु परिवर्तन इसके मामलों को बढ़ा सकता है। रोकथाम — दूषित गर्म पानी में नाक से पानी जाने से बचना, जल-स्वच्छता। यह सार्वजनिक स्वास्थ्य, जल-जनित रोग व जलवायु से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1केरल में 'मस्तिष्क-भक्षी अमीबा' से PAM मृत्यु।
- 2PAM — दुर्लभ, लगभग हमेशा घातक मस्तिष्क संक्रमण।
- 3कारक — नेगलेरिया फाउलेरी (मुक्त-जीवी अमीबा)।
- 4गर्म, स्थिर ताज़े जल; नाक से मस्तिष्क तक।
- 5पीने से नहीं फैलता; जलवायु से जुड़ा खतरा।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
रोगजनक, रोग व उनके वाहक विज्ञान/स्वास्थ्य खंड में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: PAM — नेगलेरिया फाउलेरी ('मस्तिष्क-भक्षी अमीबा')। गर्म, स्थिर ताज़े जल; नाक से मस्तिष्क तक। लगभग हमेशा घातक। पीने से नहीं फैलता।