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राष्ट्रीय · विज्ञान

सफलता: एल्युमीनियम फार्मास्युटिकल उद्योग में महंगे ट्रांजिशन मेटल उत्प्रेरकों की जगह ले सकता है

15 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

क्या हुआ

शोधकर्ताओं ने एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक सफलता हासिल की है, जिसमें दिखाया गया है कि एल्युमीनियम — पृथ्वी पर सबसे प्रचुर और सस्ती धातुओं में से एक — को प्लैटिनम, पैलेडियम, रोडियम और इरिडियम जैसी दुर्लभ और महंगी ट्रांजिशन धातुओं से जुड़े उत्प्रेरक गुण प्रदर्शित करने के लिए तैयार किया जा सकता है। उत्प्रेरक फार्मास्युटिकल विनिर्माण में आवश्यक हैं क्योंकि ये रासायनिक अभिक्रियाओं को कुशलतापूर्वक संपन्न कराते हैं। नया शोध एल्युमीनियम के इलेक्ट्रॉन व्यवहार को इस प्रकार नियंत्रित करता है कि वह ट्रांजिशन मेटल की कार्यक्षमता की नकल कर सके। भारत के लिए यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है: भारत एल्युमीनियम के शीर्ष उत्पादकों में है (ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ प्रमुख बॉक्साइट उत्पादक राज्य हैं), फिर भी लगभग सभी ट्रांजिशन मेटल उत्प्रेरक आयात किए जाते हैं। भारत का फार्मास्युटिकल उद्योग मात्रा के हिसाब से विश्व में तीसरा सबसे बड़ा है। एल्युमीनियम का उपयोग 'आत्मनिर्भर भारत' पहल को मजबूत करेगा और उत्पादन लागत घटाएगा। यह शोध हरित रसायन विज्ञान के सिद्धांतों के अनुरूप भी है।

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