बुलडोज़र न्याय (मार्च 2026)
2 मार्च 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
SC (2024) — आरोपी होने मात्र से संपत्ति विध्वंस अवैध; उचित प्रक्रिया व नोटिस आवश्यक।
क्या हुआ
'बुलडोज़र न्याय' पर बहस चर्चा में रही। यह आरोपियों की संपत्तियों को बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के ध्वस्त करने की प्रथा है। सर्वोच्च न्यायालय ने इसके विरुद्ध दिशानिर्देश जारी कर स्पष्ट किया कि कार्यपालिका न्यायाधीश व 'जल्लाद' नहीं बन सकती, तथा किसी को केवल आरोपी होने पर बिना सुनवाई दंडित नहीं किया जा सकता। यह विधि के शासन, शक्तियों के पृथक्करण, अनुच्छेद 21 (जीवन व आश्रय) व प्राकृतिक न्याय से जुड़ा है। SC ने ध्वस्तीकरण से पूर्व नोटिस, सुनवाई व समय की प्रक्रियागत सुरक्षा अनिवार्य की। यह उत्तरदायी शासन का मुद्दा है।
मुख्य तथ्य
- 1'बुलडोज़र न्याय' पर बहस।
- 2बिना उचित प्रक्रिया संपत्ति ध्वस्त करना।
- 3कार्यपालिका न्यायाधीश/जल्लाद नहीं बन सकती।
- 4अनुच्छेद 21; विधि का शासन; प्राकृतिक न्याय।
- 5SC — नोटिस, सुनवाई, समय अनिवार्य।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
बुलडोज़र न्याय, उचित प्रक्रिया व अनुच्छेद 21 राजव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं।
स्थायी GK: विधि का शासन; शक्तियों का पृथक्करण। अनुच्छेद 21 — जीवन व आश्रय। प्राकृतिक न्याय। SC के ध्वस्तीकरण दिशानिर्देश।