11 फरवरी 2026 · 11 February 2026अर्थव्यवस्था⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
पूंजीगत वस्तु क्षेत्र
Capital goods sector
पूंजीगत वस्तुएं — अन्य वस्तुओं के उत्पादन में प्रयुक्त मशीनरी व उपकरण; विनिर्माण की रीढ़।
मुख्य तथ्य
- •पूँजीगत वस्तु क्षेत्र।
- •पूँजीगत वस्तुएँ — उत्पादन के साधन (मशीन, संयंत्र)।
- •विनिर्माण की रीढ़; औद्योगिकीकरण।
- •नीतियाँ — मेक इन इंडिया, PLI।
- •आयात निर्भरता कम; रोज़गार व निवेश।
पूँजीगत वस्तु (capital goods) क्षेत्र की चर्चा हुई। पूँजीगत वस्तुएँ वे मशीनें, उपकरण व संयंत्र हैं जिनका उपयोग अन्य वस्तुओं/सेवाओं के उत्पादन में होता है (जैसे टरबाइन, मशीन-टूल्स, औद्योगिक उपकरण) — ये उपभोग नहीं, बल्कि उत्पादन के साधन हैं। यह क्षेत्र विनिर्माण की रीढ़ है व अर्थव्यवस्था के औद्योगिकीकरण, उत्पादकता व आत्मनिर्भरता के लिए महत्वपूर्ण है। भारत आयात पर निर्भरता घटाने व इस क्षेत्र को बढ़ावा देने हेतु नीतियाँ (पूँजीगत वस्तु क्षेत्र योजना, मेक इन इंडिया, PLI) लागू कर रहा है। मज़बूत पूँजीगत वस्तु क्षेत्र रोज़गार, निवेश व निर्यात को बढ़ाता है। यह आर्थिक वृद्धि व विनिर्माण से जुड़ा है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
पूंजीगत वस्तु, मेक इन इंडिया व विनिर्माण अर्थव्यवस्था में पूछे जाते हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
पूँजीगत वस्तुएँ — उत्पादन के साधन (मशीन, संयंत्र)। विनिर्माण की रीढ़। पूँजीगत वस्तु क्षेत्र योजना; मेक इन इंडिया; PLI।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert