ठोस ट्यूमर हेतु CAR-T थेरेपी में सफलता
29 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
CAR-T — इम्यूनोथेरेपी; ठोस ट्यूमर में 'स्यूडो-हेटेरोजेनेइटी'; HIT रिसेप्टर से कम एंटीजन का पता।
क्या हुआ
ठोस ट्यूमर (solid tumours) के लिए CAR-T थेरेपी में एक सफलता चर्चा में रही। CAR-T (काइमेरिक एंटीजन रिसेप्टर टी-सेल) थेरेपी एक उन्नत इम्यूनोथेरेपी है जिसमें रोगी की अपनी टी-कोशिकाओं को आनुवंशिक रूप से संशोधित कर कैंसर कोशिकाओं पर हमला करने योग्य बनाया जाता है। अब तक यह मुख्यतः रक्त कैंसर (ल्यूकेमिया, लिंफोमा) में सफल रही है; ठोस ट्यूमर में इसे लागू करना कठिन रहा है। भारत ने स्वदेशी CAR-T थेरेपी 'NexCAR19' विकसित की (IIT बॉम्बे व टाटा मेमोरियल)। ठोस ट्यूमर में सफलता कैंसर उपचार में बड़ी प्रगति होगी।
मुख्य तथ्य
- 1ठोस ट्यूमर हेतु CAR-T थेरेपी में सफलता।
- 2CAR-T — टी-कोशिकाओं का आनुवंशिक संशोधन (इम्यूनोथेरेपी)।
- 3अब तक मुख्यतः रक्त कैंसर में सफल।
- 4NexCAR19 — भारत की स्वदेशी CAR-T।
- 5IIT बॉम्बे व टाटा मेमोरियल द्वारा विकसित।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
CAR-T थेरेपी, इम्यूनोथेरेपी व NexCAR19 विज्ञान/जैव प्रौद्योगिकी में महत्वपूर्ण हैं।
स्थायी GK: CAR-T — रोगी की टी-कोशिकाओं का आनुवंशिक संशोधन; इम्यूनोथेरेपी। NexCAR19 — भारत की स्वदेशी CAR-T (IIT बॉम्बे, टाटा मेमोरियल)। रक्त कैंसर बनाम ठोस ट्यूमर।