कार्बन कैप्चर व उपयोग (CCU) प्रौद्योगिकियां
26 फरवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
CCUS — CO2 को स्रोत पर पकड़कर उपयोग या भूमिगत भंडारण; इस्पात, सीमेंट जैसे क्षेत्रों हेतु।
क्या हुआ
कार्बन कैप्चर एवं उपयोग (Carbon Capture and Utilisation/CCU) प्रौद्योगिकियाँ चर्चा में रहीं। CCU/CCUS में औद्योगिक स्रोतों (बिजली संयंत्र, इस्पात, सीमेंट) से कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) को वायुमंडल में जाने से पहले पकड़ा जाता है, फिर उसे या तो भूमिगत संग्रहित (storage) किया जाता है या उपयोगी उत्पादों (ईंधन, रसायन, निर्माण सामग्री) में बदला जाता है (utilisation)। यह 'कठिन-से-घटाने वाले' क्षेत्रों के डीकार्बोनाइज़ेशन व नेट ज़ीरो (2070) के लिए महत्वपूर्ण है। चुनौतियाँ — उच्च लागत, ऊर्जा-गहनता व पैमाना। यह जलवायु परिवर्तन शमन, हरित प्रौद्योगिकी व ऊर्जा संक्रमण से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1कार्बन कैप्चर एवं उपयोग (CCU/CCUS)।
- 2औद्योगिक स्रोतों से CO2 पकड़ना।
- 3भंडारण या उपयोगी उत्पादों में रूपांतरण।
- 4कठिन-से-घटाने वाले क्षेत्रों हेतु; नेट ज़ीरो 2070।
- 5चुनौतियाँ — उच्च लागत, ऊर्जा-गहनता।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
CCUS, नेट-ज़ीरो व कठिन-से-घटाने वाले क्षेत्र पर्यावरण में महत्वपूर्ण हैं।
स्थायी GK: CCUS — कार्बन कैप्चर, उपयोग व भंडारण। कठिन-से-घटाने वाले क्षेत्र — इस्पात, सीमेंट। नेट ज़ीरो 2070। उच्च लागत; ऊर्जा-गहन।