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राष्ट्रीय · राजव्यवस्था

जनगणना 2027

12 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

जनगणना 2027 — भारत की पहली डिजिटल जनगणना; जाति-गणना सहित; दो चरणों में।

क्या हुआ

जनगणना 2027 की चर्चा हुई। जनगणना भारत की जनसंख्या की दशकीय गणना है, जो जनसांख्यिकी, सामाजिक-आर्थिक स्थिति, साक्षरता, आवास आदि का व्यापक डेटा प्रदान करती है — यह नीति-निर्माण, संसाधन आवंटन व परिसीमन का आधार है। 2021 की जनगणना कोविड के कारण स्थगित हुई थी; अब इसे 2027 में कराने की घोषणा हुई। यह भारत की पहली 'डिजिटल जनगणना' होगी (मोबाइल ऐप/स्व-गणना सहित), तथा इसमें जातिगत गणना भी शामिल होने की संभावना है (एक प्रमुख राजनीतिक-सामाजिक मुद्दा)। जनगणना 1948 के अधिनियम के तहत होती है; गृह मंत्रालय (RGI) इसे संचालित करता है। यह शासन, परिसीमन व सामाजिक न्याय से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1जनगणना 2027।
  2. 2दशकीय जनसंख्या गणना; नीति/परिसीमन का आधार।
  3. 32021 जनगणना कोविड से स्थगित; अब 2027।
  4. 4भारत की पहली 'डिजिटल जनगणना'।
  5. 5जातिगत गणना शामिल होने की संभावना।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

जनगणना, जनगणना अधिनियम 1948 व जाति-गणना राजव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं।

स्थायी GK: जनगणना — दशकीय; जनगणना अधिनियम 1948; RGI (गृह मंत्रालय)। पहली डिजिटल जनगणना (2027)। जातिगत गणना; परिसीमन का आधार।

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