6 अगस्त 2026 · 6 August 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
मंगरह धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा नहीं मिला
Centre Denies National Monument Status to Mangarh Dham
मंगरह धाम को पुरातात्विक अखंडता की कमी के कारण राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा नहीं दिया गया।
मुख्य तथ्य
- •बांसवाड़ा जिले में स्थित मंगरह धाम
- •नवंबर 1913 में गोविंद गुरु के नेतृत्व में भील आदिवासियों का विद्रोह
- •अंग्रेजी पुलिस की गोलीबारी में लगभग 1,500 आदिवासियों की मृत्यु
- •राष्ट्रीय स्मारक घोषणा के लिए पुरातात्विक विशेषताएं आवश्यक मानदंड
मंगरह धाम को राष्ट्रीय महत्व का स्मारक घोषित करने के लिए केंद्र सरकार ने इनकार कर दिया है। सरकार ने कहा है कि इस स्थल पर आधुनिक विकास और निर्माण कार्य इसकी पुरातात्विक विशेषताओं, प्रामाणिकता और अखंडता को प्रभावित करते हैं। प्राचीन स्मारक और पुरातात्विक स्थल और अवशेष अधिनियम, 1958 के तहत किसी स्थल को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने के लिए पुरातात्विक विशेषताएं, प्रामाणिकता और अखंडता आवश्यक मानदंड हैं। हालांकि यह स्थल राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात के आदिवासी समुदायों के लिए पूजनीय है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
राजस्थान के ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण और राष्ट्रीय स्मारक घोषणा की प्रक्रिया को समझना।
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जलियांवाला बाग हत्याकांड 1919 में अमृतसर में हुआ था; मंगरह घटना को 'राजस्थान का जलियांवाला बाग' कहा जाता है।
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