28 फरवरी 2026 · 28 February 2026
चंद्रशेखर आज़ाद
Chandra Shekhar Azad
चंद्रशेखर आज़ाद — हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) के नेता; 27 फरवरी 1931 को बलिदान।
मुख्य तथ्य
- •चंद्रशेखर आज़ाद (1906-1931) — क्रांतिकारी।
- •जन्म भाबरा (MP); नाम 'आज़ाद'।
- •HSRA संगठनकर्ता; काकोरी; सॉन्डर्स-वध।
- •कभी जीवित न पकड़े जाने की प्रतिज्ञा।
- •27 फरवरी 1931 — अल्फ्रेड पार्क, इलाहाबाद में बलिदान।
चंद्रशेखर आज़ाद की चर्चा हुई। चंद्रशेखर आज़ाद (1906-1931) भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे, जिनका जन्म भाबरा (मध्य प्रदेश) में हुआ। असहयोग आंदोलन में किशोरावस्था में गिरफ्तार होने पर उन्होंने अपना नाम 'आज़ाद', पिता 'स्वतंत्रता' व घर 'जेल' बताया। वे HRA/HSRA (हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन) के प्रमुख संगठनकर्ता थे व काकोरी ट्रेन एक्शन व सॉन्डर्स-वध (भगत सिंह के साथ) में शामिल रहे। उन्होंने प्रतिज्ञा की थी कि वे कभी जीवित नहीं पकड़े जाएँगे ('आज़ाद ही रहेंगे') — 27 फरवरी 1931 को इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क (अब चंद्रशेखर आज़ाद पार्क) में पुलिस से मुठभेड़ में अंतिम गोली से स्वयं को बलिदान कर दिया। यह स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
चंद्रशेखर आज़ाद, HSRA व क्रांतिकारी आंदोलन आधुनिक भारतीय इतिहास में पूछे जाते हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
चंद्रशेखर आज़ाद (1906-1931) — क्रांतिकारी; भाबरा (MP)। HSRA; काकोरी; सॉन्डर्स-वध। 27 फरवरी 1931 — अल्फ्रेड पार्क (इलाहाबाद) में बलिदान।
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