12 सितंबर 2026 · 12 September 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
शेखावाटी हवेलियाँ यूनेस्को संभावित सूची में शामिल
Shekhawati Havelis Included in UNESCO Tentative List
शेखावाटी की 14 प्राचीन नगरों की हवेलियाँ यूनेस्को की विश्व धरोहर संभावित सूची में शामिल हुईं।
मुख्य तथ्य
- •नामांकन 1 जून 2026 को भारत के स्थायी प्रतिनिधिमंडल द्वारा जमा किया गया
- •14 नगर: अलसीसर, बिस्सू, चिरावा, चूरू, डूंडलोद, फतेहपुर, झुंझुनूँ, खेतड़ी, लक्ष्मणगढ़, मंडावा, महानसर, नवलगढ़, रामगढ़ और सीकर
- •भित्तिचित्र पौराणिक, धार्मिक, दैनंदिन जीवन और औपनिवेशिक मुठभेड़ को दर्शाते हैं
- •संभावी सूची में शामिल होना विश्व धरोहर सूची में शिलालेख की ओर एक प्रारंभिक चरण है
शेखावाटी क्षेत्र की प्रसिद्ध हवेलियाँ अपनी समृद्ध चित्रकारी और भित्तिचित्रों के लिए जानी जाती हैं जो पौराणिक कथाओं, धार्मिक विषयों, दैनंदिन जीवन, ऐतिहासिक घटनाओं और रेलवे जैसी तकनीकी प्रगति को दर्शाती हैं। यह क्षेत्र 18वीं से 20वीं सदी तक मारवाड़ी व्यापारी समुदायों का महत्वपूर्ण केंद्र था। व्यापारिक संपन्नता से निर्मित ये हवेलियाँ, मंदिर, छतरियाँ और नागरिक संरचनाएँ अद्वितीय शहरी नियोजन का प्रतिनिधित्व करती हैं। यूनेस्को कसौटी (iii), (iv) और (v) के तहत यह नामांकन सांस्कृतिक परंपरा, स्थापत्य उत्कृष्टता और पर्यावरण अनुकूलन को प्रदर्शित करता है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
शेखावाटी की हवेलियों का ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और वास्तुकलात्मक महत्व तथा यूनेस्को धरोहर प्रक्रिया में राजस्थान की भूमिका।
📚 संबंधित स्थायी GK
राजस्थान में वर्तमान में तीन यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हैं: मेहरानगढ़ दुर्ग-जोधपुर, राजस्थानी हवेली-जैसलमेर और चित्तौड़गढ़ का किला।
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