चंद्रयान-3 के 'हॉप' प्रयोग व ChaSTE के निष्कर्ष
23 मई 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
चंद्रयान-3 (2023) — विक्रम लैंडर; ChaSTE तापीय प्रयोग; हॉप ~50 cm।
क्या हुआ
चंद्रयान-3 के 'हॉप' प्रयोग व ChaSTE निष्कर्ष चर्चा में रहे। चंद्रयान-3 (2023) ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के निकट सफल सॉफ्ट लैंडिंग की — भारत ऐसा करने वाला पहला देश बना। विक्रम लैंडर ने 'हॉप' प्रयोग में स्वयं को उठाकर थोड़ी दूरी पर पुनः उतारा, जो भविष्य के नमूना-वापसी व मानव मिशनों के लिए महत्वपूर्ण है। ChaSTE (चंद्रा सरफेस थर्मोफिजिकल एक्सपेरिमेंट) ने चंद्र मृदा के तापमान प्रोफ़ाइल को मापा। प्रज्ञान रोवर ने सतह पर सल्फर आदि तत्वों की पुष्टि की।
मुख्य तथ्य
- 1चंद्रयान-3 का 'हॉप' प्रयोग व ChaSTE निष्कर्ष।
- 22023 — दक्षिणी ध्रुव के निकट लैंडिंग करने वाला पहला देश।
- 3ChaSTE — चंद्र मृदा का तापमान मापा।
- 4लैंडर विक्रम, रोवर प्रज्ञान; LVM-3 प्रक्षेपण।
- 5प्रज्ञान ने सल्फर आदि तत्वों की पुष्टि की।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
इसरो के चंद्र मिशन, पेलोड व निष्कर्ष विज्ञान में महत्वपूर्ण हैं।
स्थायी GK: चंद्रयान-3 — 2023; LVM-3 से प्रक्षेपण; लैंडिंग स्थल 'शिव शक्ति' पॉइंट। लैंडर — विक्रम; रोवर — प्रज्ञान। ChaSTE — तापीय प्रयोग। ISRO अध्यक्ष/मुख्यालय बेंगलुरु।