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20 जनवरी 2026 · 20 January 2026विज्ञान

चिप्स टू स्टार्ट-अप (C2S) कार्यक्रम

Chips to Start-up (C2S) Programme

C2S — सेमीकंडक्टर चिप डिज़ाइन में मानव संसाधन व स्टार्टअप विकसित करने का कार्यक्रम।

मुख्य तथ्य

  • चिप्स टू स्टार्टअप (C2S) कार्यक्रम।
  • MeitY की पहल; चिप-डिज़ाइन जनशक्ति तैयार करना।
  • विश्वविद्यालय प्रशिक्षण; स्टार्टअप-समर्थन; उद्योग-अकादमिक।
  • इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन; सेमीकॉन इंडिया।
  • आत्मनिर्भरता; मेक इन इंडिया; चिप-आयात निर्भरता घटाना।
'चिप्स टू स्टार्टअप (C2S) कार्यक्रम' की चर्चा हुई। C2S इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की एक पहल है, जिसका उद्देश्य सेमीकंडक्टर-चिप डिज़ाइन के क्षेत्र में विशेषज्ञ-जनशक्ति (मानव-संसाधन) तैयार करना है। यह विश्वविद्यालयों/संस्थानों में चिप-डिज़ाइन प्रशिक्षण, स्टार्टअप-समर्थन व उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देता है (अगले वर्षों में हज़ारों चिप-डिज़ाइन इंजीनियर तैयार करने का लक्ष्य)। यह 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन', सेमीकॉन इंडिया, आत्मनिर्भरता (चिप-आयात निर्भरता घटाना) व 'मेक इन इंडिया' का हिस्सा है। सेमीकंडक्टर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स (मोबाइल, AI, रक्षा, EV) की रीढ़ हैं। यह विज्ञान, प्रौद्योगिकी व अर्थव्यवस्था से जुड़ा है। यह विज्ञान से जुड़ा है।

🎯 परीक्षा में कैसे आएगा

C2S, सेमीकंडक्टर व ISM विज्ञान में पूछे जाते हैं।

📚 संबंधित स्थायी GK

C2S — MeitY; सेमीकंडक्टर चिप-डिज़ाइन जनशक्ति। विश्वविद्यालय प्रशिक्षण; स्टार्टअप-समर्थन। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन; आत्मनिर्भरता; मेक इन इंडिया।

✨ RajAI— RAS Prelims Expert

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