CITU ने श्रमिक अधिकारों के उल्लंघन पर ILO से संपर्क किया
29 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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ILO संघ स्वतंत्रता समिति के समक्ष शिकायत; ILO अभिसमय 98 (सामूहिक सौदेबाज़ी) के अनुपालन का आग्रह।
क्या हुआ
CITU द्वारा श्रमिक अधिकारों के कथित उल्लंघन को लेकर ILO से संपर्क करने की चर्चा हुई। CITU (सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स) भारत के प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियन संगठनों में से एक है। ILO (अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन) संयुक्त राष्ट्र की त्रिपक्षीय एजेंसी है जो वैश्विक श्रम मानक तय करती है। यह मुद्दा प्रायः चार नई श्रम संहिताओं (मज़दूरी, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा, OSH) को लेकर है — ट्रेड यूनियनों का तर्क है कि कुछ प्रावधान (हड़ताल नियम, नियुक्ति-छँटनी लचीलापन, सामूहिक सौदेबाज़ी पर प्रभाव) श्रमिक अधिकारों व ILO सम्मेलनों के विरुद्ध हैं। ILO में शिकायत इस चिंता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाती है। यह श्रम अधिकार, श्रम सुधार व अंतरराष्ट्रीय संगठनों से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1CITU ने श्रमिक अधिकारों पर ILO से संपर्क किया।
- 2CITU — प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियन।
- 3मुद्दा — चार नई श्रम संहिताएँ; श्रमिक अधिकार।
- 4हड़ताल नियम, छँटनी लचीलापन, सामूहिक सौदेबाज़ी।
- 5ILO — UN श्रम एजेंसी; अंतरराष्ट्रीय मंच।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
ILO, मूल श्रम मानक व सामूहिक सौदेबाज़ी राजव्यवस्था/अंतरराष्ट्रीय में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: CITU — केंद्रीय ट्रेड यूनियन संगठन। ILO — UN श्रम एजेंसी; सम्मेलन/मानक। चार श्रम संहिताएँ। सामूहिक सौदेबाज़ी; हड़ताल नियम।