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राष्ट्रीय · राजव्यवस्था

कॉमनवेल्थ स्पीकर्स व पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन

17 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

सम्मेलन — कॉमनवेल्थ देशों के पीठासीन अधिकारियों का मंच; संसदीय प्रथाओं का आदान-प्रदान।

क्या हुआ

राष्ट्रमंडल पीठासीन अधिकारियों व अध्यक्षों के सम्मेलन (Commonwealth Conference of Speakers and Presiding Officers, CSPOC) की चर्चा हुई। राष्ट्रमंडल (Commonwealth of Nations) मुख्यतः पूर्व ब्रिटिश-उपनिवेशों का एक स्वैच्छिक संघ है (56 सदस्य; भारत भी सदस्य)। CSPOC राष्ट्रमंडल देशों की संसदों के अध्यक्षों/पीठासीन अधिकारियों का एक मंच है, जो संसदीय लोकतंत्र, विधायी प्रक्रियाओं, अध्यक्ष-पद की भूमिका, संसदीय सर्वोत्तम-प्रथाओं व अनुभवों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देता है। यह संसदीय कूटनीति, लोकतांत्रिक मूल्यों व अंतर-संसदीय सहयोग को मज़बूत करता है (भारत का संसदीय लोकतंत्र विश्व का सबसे बड़ा है)। यह राजव्यवस्था व अंतरराष्ट्रीय संबंध से जुड़ा है। यह राजव्यवस्था से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1राष्ट्रमंडल अध्यक्षों/पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन (CSPOC)।
  2. 2राष्ट्रमंडल — 56 सदस्य (पूर्व ब्रिटिश-उपनिवेश)।
  3. 3संसदों के अध्यक्षों/पीठासीन अधिकारियों का मंच।
  4. 4संसदीय लोकतंत्र, विधायी प्रक्रिया, सर्वोत्तम-प्रथाएँ।
  5. 5संसदीय कूटनीति; अंतर-संसदीय सहयोग।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

कॉमनवेल्थ, संसदीय लोकतंत्र व CPA राजव्यवस्था में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: राष्ट्रमंडल — 56 सदस्य (पूर्व ब्रिटिश-उपनिवेश); भारत सदस्य। CSPOC — अध्यक्षों/पीठासीन अधिकारियों का मंच; संसदीय लोकतंत्र/सर्वोत्तम-प्रथाएँ। संसदीय कूटनीति।

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