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राष्ट्रीय

संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 पराजित: परिसीमन प्रस्ताव संसद में विफल

18 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

क्या हुआ

संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 परिसीमन के लिए एक ढांचा स्थापित करने हेतु भारतीय संविधान में संशोधन करना चाहता था — यह प्रक्रिया लोकसभा और राज्य विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं को नवीनतम जनगणना डेटा के आधार पर पुनर्निर्धारित करती है। विधेयक को मुख्यतः दक्षिणी राज्यों (तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना) के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा, जिन्हें डर था कि जनसंख्या नियंत्रण में सफलता के बावजूद उनकी संसदीय सीटें कम हो जाएंगी। आलोचकों ने कहा कि विधेयक ने संघीय सिद्धांतों की अनदेखी की। भारत में परिसीमन 1976 से (42वें संविधान संशोधन द्वारा) स्थगित है; अंतिम परिसीमन आयोग का कार्य 2002-08 में हुआ था। अनुच्छेद 81 जनसंख्या-आधारित प्रतिनिधित्व का प्रावधान करता है। विधेयक की पराजय यह दर्शाती है कि संवैधानिक सुधारों के लिए राजनीतिक सहमति अनिवार्य है। RAS परीक्षा की दृष्टि से यह संविधान संशोधन, संघवाद और संसदीय प्रक्रिया विषयों के लिए महत्वपूर्ण है।

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