संसद के विशेष सत्र में लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक पराजित
18 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
क्या हुआ
संसद के एक विशेष सत्र के दौरान लोकसभा में एक संविधान संशोधन विधेयक पराजित हो गया, जिससे सभी दलों में महत्वपूर्ण राजनीतिक प्रतिक्रियाएं उत्पन्न हुईं। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सत्तारूढ़ सरकार पर 'महिलाओं की आड़ में छिपकर' परिसीमन के माध्यम से देश के निर्वाचन क्षेत्रों को बदलने का आरोप लगाया। विपक्ष ने सामूहिक रूप से विधेयक की पराजय को लोकतांत्रिक सिद्धांतों की जीत बताया। यह विधेयक परिसीमन से जुड़ा था — जो निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं को पुनः निर्धारित करने की संवैधानिक प्रक्रिया है और सामान्यतः जनगणना के बाद की जाती है। परिसीमन का राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर गहरा प्रभाव पड़ता है, विशेषकर उत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों पर। संविधान संशोधन विधेयक के लिए अनुच्छेद 368 के तहत विशेष बहुमत — उपस्थित और मतदान करने वाले दो-तिहाई सदस्यों का समर्थन — तथा कम से कम आधे राज्य विधानमंडलों की स्वीकृति आवश्यक होती है। लोकसभा में ऐसे विधेयक की पराजय एक दुर्लभ विधायी घटना है। RAS परीक्षार्थियों के लिए यह संविधान संशोधन प्रक्रिया, परिसीमन आयोग, महिला आरक्षण (108वां संविधान संशोधन) और संसदीय प्रक्रियाओं की दृष्टि से अत्यंत प्रासंगिक है।