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राष्ट्रीय · विज्ञान

भारत में साइबर सुरक्षा प्रतिभा की कमी

14 मार्च 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

साइबर सुरक्षा प्रतिभा की कमी — बढ़ते डिजिटलीकरण व साइबर हमलों के बीच कुशल पेशेवरों का अभाव।

क्या हुआ

भारत में साइबर-सुरक्षा प्रतिभा की कमी (cybersecurity talent shortage) की चर्चा हुई। बढ़ते डिजिटलीकरण (UPI, डिजिटल इंडिया, डेटा-संचालित सेवाओं) के साथ साइबर हमलों (रैंसमवेयर, फ़िशिंग, डेटा-चोरी), महत्वपूर्ण अवसंरचना पर खतरों व ऑनलाइन धोखाधड़ी में वृद्धि हुई है, जिससे कुशल साइबर-सुरक्षा पेशेवरों की माँग तेज़ी से बढ़ी है — पर आपूर्ति (प्रशिक्षित कार्यबल) इससे पीछे है। यह कमी राष्ट्रीय सुरक्षा, डेटा-संरक्षण (डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन अधिनियम 2023) व डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम है। समाधान — कौशल-विकास, साइबर-शिक्षा, CERT-In की भूमिका व सार्वजनिक-निजी सहयोग। यह विज्ञान, साइबर-सुरक्षा व कौशल से जुड़ा है। यह विज्ञान से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1भारत में साइबर-सुरक्षा प्रतिभा की कमी।
  2. 2डिजिटलीकरण से साइबर हमले बढ़े।
  3. 3कुशल पेशेवरों की माँग vs कम आपूर्ति।
  4. 4राष्ट्रीय सुरक्षा; DPDP अधिनियम 2023; CERT-In।
  5. 5समाधान — कौशल-विकास, साइबर-शिक्षा।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

साइबर सुरक्षा, CERT-In व कौशल अंतराल विज्ञान/सुरक्षा में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: साइबर-सुरक्षा प्रतिभा-कमी — बढ़ते हमले vs कम प्रशिक्षित कार्यबल। CERT-In; DPDP अधिनियम 2023। राष्ट्रीय सुरक्षा; कौशल-विकास।

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