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राष्ट्रीय · राजव्यवस्था

जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर उच्च-स्तरीय समिति गठित

27 मई 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

जनसांख्यिकी समिति — अध्यक्ष न्या. नवलेकर; रिपोर्ट मई 2027 तक।

क्या हुआ

सरकार ने जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया। भारत की जनसांख्यिकी में प्रमुख बदलाव हो रहे हैं — कुल प्रजनन दर (TFR) प्रतिस्थापन स्तर (2.1) से नीचे गिरना, बुज़ुर्ग आबादी में वृद्धि, तथा क्षेत्रीय असंतुलन (दक्षिण बनाम उत्तर)। समिति का उद्देश्य इन प्रवृत्तियों, उनके आर्थिक-सामाजिक प्रभावों (श्रम बल, परिसीमन, संसाधन आवंटन) तथा नीतिगत प्रतिक्रिया का अध्ययन करना है। जनसांख्यिकीय लाभांश का दोहन एक प्रमुख चिंता है।

मुख्य तथ्य

  1. 1जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर उच्च-स्तरीय समिति गठित।
  2. 2मुद्दे — TFR में गिरावट, बुज़ुर्ग आबादी, क्षेत्रीय असंतुलन।
  3. 3प्रतिस्थापन स्तर TFR — 2.1।
  4. 4प्रभाव — श्रम बल, परिसीमन, संसाधन आवंटन।
  5. 5जनसांख्यिकीय लाभांश का दोहन प्रमुख चिंता।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

संवैधानिक अनुच्छेद (355), प्रमुख वाद व समितियां राजव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं।

स्थायी GK: प्रतिस्थापन स्तर TFR — 2.1। भारत की TFR ~2.0 (NFHS-5)। जनगणना — दशकीय (आगामी जनगणना); परिसीमन से जुड़ा मुद्दा। जनसांख्यिकीय लाभांश।

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