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22 जनवरी 2026 · 22 January 2026अर्थव्यवस्था⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण

जनसांख्यिकीय शीत व भारत का संकुचित होता जनसांख्यिकीय लाभांश

Demographic Winter and India's narrowing demographic dividend

जनसांख्यिकीय लाभांश — बड़ी कार्यशील आयु जनसंख्या से आर्थिक लाभ; घटती प्रजनन दर से खिड़की संकुचित।

मुख्य तथ्य

  • 'जनसांख्यिकीय शीत' व सिकुड़ता लाभांश।
  • घटती जन्म-दर; तेज़ी से वृद्ध होती आबादी।
  • भारत की TFR प्रतिस्थापन स्तर के निकट/नीचे।
  • जनसांख्यिकीय लाभांश — सीमित खिड़की (~2040)।
  • निवेश न करने पर 'जनसांख्यिकीय आपदा' का जोखिम।
'जनसांख्यिकीय शीत' (demographic winter) व भारत के सिकुड़ते जनसांख्यिकीय लाभांश की चर्चा हुई। 'जनसांख्यिकीय शीत' का अर्थ है घटती जन्म-दर व प्रजनन क्षमता के कारण जनसंख्या वृद्धि का रुकना/घटना व आबादी का तेज़ी से वृद्ध होना। भारत की TFR प्रतिस्थापन स्तर (2.1) के निकट/नीचे आ चुकी है। जनसांख्यिकीय लाभांश — बड़ी कार्यशील आयु आबादी — एक सीमित 'खिड़की' (~2040 के दशक तक) है; उसके बाद आबादी वृद्ध होने लगेगी। चुनौती है कि इस खिड़की के दौरान शिक्षा, कौशल, स्वास्थ्य व रोज़गार में निवेश कर लाभांश का दोहन किया जाए, अन्यथा यह 'जनसांख्यिकीय आपदा' बन सकता है। यह विकास नियोजन व अर्थव्यवस्था से जुड़ा है।

🎯 परीक्षा में कैसे आएगा

जनसांख्यिकीय लाभांश, TFR व वृद्ध जनसंख्या अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं।

📚 संबंधित स्थायी GK

जनसांख्यिकीय शीत — घटती जन्म-दर, वृद्ध आबादी। TFR ~2.0 (प्रतिस्थापन 2.1)। जनसांख्यिकीय लाभांश — सीमित खिड़की (~2040)। कौशल/रोज़गार।

✨ RajAI— RAS Prelims Expert

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