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24 जनवरी 2026 · 24 January 2026विज्ञान

DoT ने 6 GHz बैंड का आधा हिस्सा डी-लाइसेंस किया

DoT de-licenses half of the 6 GHz band

DoT — 6GHz बैंड का निचला आधा हिस्सा (इनडोर) डी-लाइसेंस; WiFi 6E/7 हेतु।

मुख्य तथ्य

  • DoT ने 6 GHz बैंड का आधा हिस्सा डी-लाइसेंस किया।
  • स्पेक्ट्रम — सीमित प्राकृतिक संसाधन।
  • डी-लाइसेंस — बिना लाइसेंस/शुल्क उपयोग (Wi-Fi)।
  • अगली-पीढ़ी Wi-Fi 6E/7; तेज़, कम-विलंब कनेक्टिविटी।
  • शेष हिस्सा 5G/IMT; डिजिटल इंडिया; IoT।
दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा 6 GHz बैंड के आधे हिस्से को 'डी-लाइसेंस' करने की चर्चा हुई। रेडियो-आवृत्ति 'स्पेक्ट्रम' एक सीमित प्राकृतिक संसाधन है। 'लाइसेंस-मुक्त (de-licensed/unlicensed) स्पेक्ट्रम' वह आवृत्ति-बैंड है जिसका उपयोग बिना सरकारी लाइसेंस/शुल्क के किया जा सकता है (जैसे Wi-Fi, ब्लूटूथ)। 6 GHz बैंड के एक हिस्से को डी-लाइसेंस करने से अगली-पीढ़ी का 'Wi-Fi 6E/7' सक्षम होगा, जो तेज़, अधिक क्षमता व कम-विलंब वाली वायरलेस कनेक्टिविटी देगा (डिजिटल इंडिया, IoT, स्मार्ट उपकरणों को बढ़ावा)। शेष हिस्सा 5G/IMT (मोबाइल सेवाओं) हेतु आरक्षित रह सकता है। यह दूरसंचार नीति, डिजिटल अवसंरचना व तकनीकी विकास से जुड़ता है। यह विज्ञान, प्रौद्योगिकी व अर्थव्यवस्था से जुड़ा है। यह विज्ञान से जुड़ा है।

🎯 परीक्षा में कैसे आएगा

स्पेक्ट्रम, डी-लाइसेंसिंग व WiFi विज्ञान/अर्थव्यवस्था में पूछे जाते हैं।

📚 संबंधित स्थायी GK

स्पेक्ट्रम — सीमित संसाधन। डी-लाइसेंस (लाइसेंस-मुक्त) — बिना शुल्क उपयोग (Wi-Fi)। 6 GHz आधा डी-लाइसेंस → Wi-Fi 6E/7; तेज़ कनेक्टिविटी। शेष 5G/IMT।

✨ RajAI— RAS Prelims Expert

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