DRDO ने ULPGM-V3 मिसाइल का सफल परीक्षण किया
20 मई 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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ULPGM-V3 — DRDO की ड्रोन-प्रक्षेपित परिशुद्ध मिसाइल (कुरनूल)।
क्या हुआ
DRDO द्वारा ULPGM-V3 मिसाइल के सफल परीक्षण की चर्चा हुई। ULPGM-V3 (अल्ट्रा लॉन्ग रेंज प्रिसिज़न गाइडेड मिसाइल) DRDO द्वारा विकसित एक स्वदेशी हवाई-प्रक्षेपित (ड्रोन/प्लेटफॉर्म से) सटीक-निर्देशित मिसाइल है, जो विभिन्न लक्ष्यों (बख्तरबंद वाहन, बंकर, संरचनाएँ) को सटीकता से नष्ट कर सकती है। यह 'मेक इन इंडिया'/आत्मनिर्भर भारत के तहत रक्षा स्वदेशीकरण को बढ़ावा देती है व मानवरहित युद्ध-प्रणाली (ड्रोन-आधारित प्रहार) में भारत की बढ़ती क्षमता दर्शाती है। DRDO रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन है (1958, नई दिल्ली)। यह रक्षा प्रौद्योगिकी व आत्मनिर्भरता से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1DRDO ने ULPGM-V3 मिसाइल का सफल परीक्षण किया।
- 2अल्ट्रा लॉन्ग रेंज सटीक-निर्देशित मिसाइल।
- 3हवाई/ड्रोन-प्रक्षेपित; बख्तरबंद/बंकर लक्ष्य।
- 4रक्षा स्वदेशीकरण; आत्मनिर्भर भारत।
- 5मानवरहित युद्ध-प्रणाली में बढ़ती क्षमता।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
DRDO की स्वदेशी मिसाइलें व रक्षा परीक्षण रक्षा/विज्ञान में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: ULPGM-V3 — अल्ट्रा लॉन्ग रेंज सटीक-निर्देशित मिसाइल; DRDO; हवाई/ड्रोन-प्रक्षेपित। आत्मनिर्भर भारत; रक्षा स्वदेशीकरण। DRDO — 1958।